नात लिरिक्स

Chahte Aap To Khud Daud Ke Aata Pani

चाहते आप तो ख़ुद दौड़ के आता पानी

नात ख़्वान: ज़ैन-उल-आबिदीन कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

चाहते आप तो ख़ुद दौड़ के आता पानीया हुसैन ! आप की ठोकर से निकलता पानी

क्या थी औक़ात पिला देता जो दरिया पानीमेरे 'अब्बास ने दरिया को पिलाया पानी

एड़ियाँ अपनी ज़मीं पर जो रगड़ते असग़रकर्बला ! तेरे सँभाले न सँभलता पानी

आसमाँ ! गर तुझे शब्बीर इशारा करतेदिल ये कहता है कि दिन-रात बरसता पानी

इतने तर-दस्त थे 'अब्बास के दोनों बाज़ूपड़ गया जिस के भी उस ने नहीं माँगा पानी

तुझ पे सौ जान है क़ुर्बान मेरी, ऐ असग़र !तेरी हिम्मत ने यज़ीदों को पिलाया पानी

कौन कहता है कि पानी के थे प्यासे शब्बीरसच तो ये है कि था शब्बीर का प्यासा पानी

या 'अली शेर-ए-ख़ुदा ! आप के बेटे शब्बीरहुक्म दे देते तो सूरज भी उगलता पानी

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