नात लिरिक्स

Raat Raushan Subha Ka Manzar Suhana Kar Diya

रात रौशन सुब्ह का मंज़र सुहाना कर दिया

नात ख़्वान: ज़ैन-उल-आबिदीन कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रात रौशन सुब्ह का मंज़र सुहाना कर दियानूर वाले ने ज़माना नूर वाला कर दिया

या नबी ! हम आप की सूरत बयाँ कैसे करेंआप के तल्वों ने जब सूरज को धुँधला कर दिया

आप के हाथों को छू कर ख़ाक सोना बन गईआप के क़दमों ने यसरिब को मदीना कर दिया

ये भी है तारीख़ क़ुरआँ की तिलावत के तुफ़ैलइक बहन ने भाई के ग़ुस्से को ठंडा कर दिया

सूरा-ए-तब्बत-यदा की ज़द में जब आया लहबअपनी क़ुदरत से ख़ुदा ने उस को लूला कर दिया

बेवा औरत हो या बेटी या कि हो बच्चे यतीमरहमत-ए-'आलम ने सब का बोझ हल्का कर दिया

वाक़ि'आ-ए-कर्बला सुन कर हमें ऐसा लगाजैसे तुम ने मेरे दिल का ज़ख़्म ताज़ा कर दिया

कर्बला की जंग में हँस हँस के सब के सामनेहुरमला का एक बच्चे ने सफ़ाया कर दिया

प्यास पानी से बुझाते हैं सभी इंसाँ मगरहज़रत-ए-'अब्बास ने पानी को प्यासा कर दिया

हज़रत-ए-'अब्बास ने दरिया से नज़रें फेर करख़ून महँगा कर दिया, पानी को सस्ता कर दिया

कर्बला में बोलता था जो बहुत हक़ के ख़िलाफ़उस की पूरी नस्ल को ज़ैनब ने गूँगा कर दिया

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