नात लिरिक्स

Aap Shamsudduha Aap Badrudduja Naam Aisa Suhana Kisi Ka Nahin

आप शम्सुद्दुहा आप बदरुद्दुजा नाम ऐसा सुहाना किसी का नहीं

नात ख़्वान: ज़ैन-उल-आबिदीन कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आप शम्सुद्दुहा, आप बदरुद्दुजानाम ऐसा सुहाना किसी का नहींका'बे की छाँव है, नूर का गाँव हैऐसा प्यारा घराना किसी का नहीं

जब कि आदम न थे, उन का पुतला न थाऔर फ़रिश्तों ने भी ऐसा सोचा न थाराज़-ए-हुस्न-ए-नबी पर था पर्दा पड़ाया'नी अल्लाह ने कुछ बताया न था'अर्श पर आप का नूर था जल्वा-गरनाम इतना पुराना किसी का नहीं

ज़िक्र-ए-'ईसा भी है, ज़िक्र-ए-मूसा भी हैनूह भी आए हैं, शीश भी आए हैंऔर नबियों के भी तज़्किरे हैं यहाँपरचम-ए-नूर इन के भी लहराए हैंदेखिये मर्तबा, मुस्तफ़ा के सिवा'अर्श पर आना-जाना किसी का नहीं

रेत की आग पर तन जलाया गयाफिर भी छूटा नहीं दामन-ए-मुस्तफ़ाकोई शिकवा-शिकायत न कोई गिलाग़म मिला जो भी दुनिया में वो सह लियाजैसे नाम-ए-बिलाल और 'इश्क़-ए-नबीऐसा कोई दीवाना किसी का नहीं

नूर ही नूर है मय-कदा आप कासब से मशहूर है मय-कदा आप कारौशनी से भरे हैं पियाले सभीजल्वा-ए-तूर है मय-कदा आप काआब-ए-ज़मज़म भी है, जाम-ए-कौसर भी हैऐसा पीना पिलाना किसी का नहीं

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।