नात लिरिक्स

Tum Chalo Hum Chalein Sab Madine Chalein

तुम चलो हम चलें सब मदीने चलें

नात ख़्वान: साबिर रज़ा अज़हरीशायर: अख़्तर रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तुम चलो, हम चलें, सब मदीने चलेंजानिब-ए-तयबा सब के सफ़ीने चलें

मय-कशो ! आओ आओ मदीने चलेंबादा-ए-ख़ुल्द के जाम पीने चलें

जी गए वो मदीने में जो मर गएआओ हम भी वहाँ मर के जीने चलें

ज़िंदगी अब सिर-ए-ज़िंदगी आ गईआख़िरी वक़्त है अब मदीने चलें

शौक़-ए-तयबा ने जिस दम सहारा दियाचल दिए हम, कहा बे-कसी ने चलें

ताइर-ए-जाँ मदीने को जब उड़ चलाज़िंदगी से कहा ज़िंदगी ने चलें

जान-ए-नौ राह-ए-जानाँ में यूँ मिल गईआँख मीची, कहा बेख़ुदी ने चलें

राह-ए-तयबा में जब ना-तवाँ रह गएदिल को खींचा, कहा बे-कली ने चलें

ख़ाक-ए-तयबा में अपनी जगह हो गईख़ूब मुज़्दा सुनाया ख़ुशी ने चलें

बे-तकल्लुफ़ शह-ए-दो-जहाँ चल दिएसादगी से कहा जब किसी ने चलें

अगले पिछले सभी ख़ुल्द में चल दिएरोज़-ए-महशर कहा जब नबी ने चलें

उन की शान-ए-करम की कशिश देखनाकासा ले कर कहा ख़ुसरवी ने चलें

अख़्तर-ए-ख़स्ता भी ख़ुल्द में चल दियाजब सदा दी उसे मुर्शिदी ने चलें

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