नात लिरिक्स

Door Ai Dil Rahein Madine Se, Maut Behtar Hai Aise Jeene Se

दूर ए दिल रहें मदीने से, मौत बेहतर है ऐसे जीने से

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: अख़्तर रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दूर, ए दिल ! रहें मदीने सेमौत बेहतर है ऐसे जीने से

उन से मेरा सलाम कह देनाजा के तू, ए सबा ! क़रीने से

हर गुल-ए-गुल्सिताँ मो'अत्तर हैजान-ए-गुलज़ार के पसीने से

यूँ चमकते हैं ज़र्रे तयबा केजैसे बिखरे हुए नगीने से

ज़िक्र-ए-सरकार करते हैं मोमिनकोई मर जाए जल के कीने से

बारगाह-ए-ख़ुदा में क्या पहुँचे !गिर गया जो नबी के ज़ीने से

पी जिए चश्म-ए-नाज़ से उन कीमय-कशों का भला है पीने से

उस तजल्ली के सामने, अख़्तर !गुल को आने लगे पसीने से

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