नात लिरिक्स

Hum Hussain Wale Hain

हम हुसैन वाले हैं

नात ख़्वान: साबिर रज़ा अज़हरीशायर: मौलाना अय्यूब रज़ा अमजदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जाम-ए-हक़ पिलाते हैं, हम हुसैन वाले हैंदिल को जगमगाते हैं, हम हुसैन वाले हैं

राह-ए-हक़ दिखाते हैं, हम हुसैन वाले हैं'इश्क़ हम सिखाते हैं, हम हुसैन वाले हैं

फ़ातिमा के लालों का सदक़ा आज भी हम लोगकर्बला से पाते हैं, हम हुसैन वाले हैं

सिद्दीक़-ओ-'उमर, 'उस्माँ का वज़ीफ़ा पढ़ पढ़ करराफ़ज़ी भगाते हैं, हम हुसैन वाले हैं

फ़ातिमा, हसन, हैदर का वज़ीफ़ा पढ़ पढ़ करनासबी भगाते हैं, हम हुसैन वाले हैं

अपनी महफ़िलों में हम ज़िक्र-ए-मु'आविया कर केशी'ओं को जलाते हैं, हम हुसैन वाले हैं

लश्कर-ए-यज़ीदी ! हम कसरत के नहीं क़ाइलहम बहत्तर वाले हैं, हम हुसैन वाले हैं

देख कर जवाँ-मर्दी मुर्तज़ा के शेरों कीआ'दा थरथराते हैं, हम हुसैन वाले हैं

'अब्बास-ओ-'अली अकबर, ज़ैनब-ओ-'अली असग़रइन सभी के ना'रे हैं, हम हुसैन वाले हैं

ग़ौस-ओ-ख़्वाजा-ओ-अशरफ़, साबिर-ओ-रज़ा, अख़्तरसब यही पुकारे हैं, हम हुसैन वाले हैं

आज भी मुहर्रम में याद-ए-कर्बला में हममहफ़िलें सजाते हैं, हम हुसैन वाले हैं

बातिलों की ज़ुल्मत से ख़ौफ़ हम नहीं खातेक़स्र-ए-ज़ुल्म ढाते हैं, हम हुसैन वाले हैं

वक़्त के यज़ीदों से आँखों से मिला कर आँखबरमला ये कहते हैं, हम हुसैन वाले हैं

मर्कज़-ए-'अक़ीदत के फ़तवों पर 'अमल कर केबिद'अतें मिटाते हैं, हम हुसैन वाले हैं

निस्बतें कोई पूछे आप से तो कह देनाहम बरेली वाले हैं, हम हुसैन वाले हैं

सीना पीट कर हरगिज़ हम नहीं कहते, अय्यूब !चेहरे ख़ुद बताते हैं, हम हुसैन वाले हैं

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