नात लिरिक्स

Na Karo Duniya-dar Ki Baatein | Kuchh Karein Apne Yaar Ki Baatein With Tazmeen

न करो दुनिया-दार की बातें | कुछ करें अपने यार की बातें तज़मीन के साथ

नात ख़्वान: साबिर रज़ा अज़हरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

न करो दुनिया-दार की बातेंसीम-ओ-ज़र, इक़्तिदार की बातेंछोड़ कर लाला-ज़ार की बातेंकुछ करें अपने यार की बातेंकुछ दिल-ए-दाग़दार की बातें

जिन के दिल में हुज़ूर रहते हैंमुस्कुरा कर वो रंज सहते हैंवज्द में आ के फिर वो कहते हैंहम तो दिल अपना दे ही बैठे हैंअब ये क्या इख़्तियार की बातें

काम मैं ने लिया है हिम्मत सेचैन पाया हूँ रंज-ओ-कुल्फ़त से'अर्ज़ करनी है अहल-ए-उल्फ़त सेमैं भी गुज़रा हूँ दौर-ए-उल्फ़त सेमत सुना मुझ को प्यार की बातें

पूछे हाल-ए-दिल-ए-हज़ीं कोईऐसा ग़म-ख़्वार अब नहीं कोईक़ल्ब का अब नहीं हसीं कोईअहल-ए-दिल ही यहाँ नहीं कोईक्या करें हाल-ए-ज़ार की बातें

सारे दुख-दर्द के हैं वो दरमाँइस लिए, ऐ असीर-ए-शाह-ए-ज़माँ !आओ करते हैं नख़्ल-ए-दिल शादाँपी के जाम-ए-मोहब्बत-ए-जानाँअल्लाह अल्लाह ! ख़ुमार की बातें

हो 'अमल ख़ूब उन के उस्वा परचाहते हो ज़फ़र जो आ'दा परनक़्श कर लो ये दिल के रुक़'आ परमर न जाना मता'-ए-दुनिया परसुन के तू मालदार की बातें

ख़ुद में करते हो ख़ूब शिद्दत तुममिल के रहते जो अहल-ए-सुन्नत तुमचाहते गर फ़लाह-ए-उम्मत तुमयूँ न होते असीर-ए-ज़िल्लत तुमसुनते गर होशियार की बातें

रूह को ताज़गी जो दे यकसरज़िक्र, अय्यूब ! तू वो कर अक्सरज़िक्र-ए-दस्त-ए-मदीना को सुन करहर घड़ी वज्द में रहे अख़्तरकीजिए उस दयार की बातें

कलाम:मुफ़्ती अख़्तर रज़ा ख़ान

तज़मीन:मुहम्मद अय्यूब रज़ा अमजदी

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