नात लिरिक्स

Tu Wilayat-e-Jahan Ka Hai Imam Ghaus-e-Azam

तू विलायत-ए-जहाँ का है इमाम ग़ौस-ए-आज़म

नात ख़्वान: नईम निज़ामशायर: अदीब रायपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तू विलायत-ए-जहाँ का है इमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !है ज़मीं से आसमाँ तक तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू विलायत-ए-जहाँ का है इमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

रग-ए-जाँ में तैरता है तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !तेरे 'इश्क़ ने दिया है ये मक़ाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू विलायत-ए-जहाँ का है इमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !है ज़मीं से आसमाँ तक तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मिले आप की नज़र का कोई जाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !इसी आरज़ू में हैं सब ये ग़ुलाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू विलायत-ए-जहाँ का है इमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !है ज़मीं से आसमाँ तक तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

जिसे चाहे जो नवाज़े, कि ये इख़्तियार-ए-कामिलमेरे रब ने लिख दिया है तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू विलायत-ए-जहाँ का है इमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !है ज़मीं से आसमाँ तक तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

ग़म-ए-दहर से छुड़ा कर ग़म-ए-मो'तबर 'अता करकि है जज़्बा-ए-मोहब्बत अभी ख़ाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू विलायत-ए-जहाँ का है इमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !है ज़मीं से आसमाँ तक तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मुझे 'इश्क़ वो 'अता कर कि निगाह-ए-दिल झुका करतुझे सुब्ह-ओ-शाम भेजूँ मैं सलाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू विलायत-ए-जहाँ का है इमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !है ज़मीं से आसमाँ तक तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

ये अदीब तिश्ना-लब है, मय-ए-'इश्क़ की तलब हैतेरे हाथ में कदे का है निज़ाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू विलायत-ए-जहाँ का है इमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !है ज़मीं से आसमाँ तक तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

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