नात लिरिक्स

Teri Zaat Mein Bhi Kamaal Hai, Teri Baat Mein Bhi Kamaal Hai

तेरी ज़ात में भी कमाल है, तेरी बात में भी कमाल है

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तेरी ज़ात में भी कमाल हैतेरी बात में भी कमाल हैतेरी ज़ात की, तेरी बात कीन नज़ीर है, न मिसाल है

या मुस्तफ़ा ! ख़ैरुल-वरा !सल्ले 'अला ! सल्ले 'अला !

वही ज़िंदगी है 'अज़ीज़-तरतेरी याद में जो हुई बसरतेरी याद बिन जो गुज़र गयावो तो एक लम्हा, वबाल है

या मुस्तफ़ा ! ख़ैरुल-वरा !सल्ले 'अला ! सल्ले 'अला !

मेरा शौक़ जिस में जवाँ हुआमैं मदीने को जो रवाँ हुआवही ख़ूब-तर, वही बेहतरींमेरी ज़िंदगी का वो साल है

या मुस्तफ़ा ! ख़ैरुल-वरा !सल्ले 'अला ! सल्ले 'अला !

तेरे प्यार में जो फ़ना हुआतेरा क़ुर्ब जिस को 'अता हुआकोई बू-बकर, कोई फ़ारसीकोई सा'द, कोई बिलाल है

या मुस्तफ़ा ! ख़ैरुल-वरा !सल्ले 'अला ! सल्ले 'अला !

मेरी जान से तू क़रीब हैमैं मरीज़ हूँ, तू तबीब हैतेरा नाम ही मेरा आसरातेरा नाम ही मेरी ढाल है

या मुस्तफ़ा ! ख़ैरुल-वरा !सल्ले 'अला ! सल्ले 'अला !

मैं था एक नासिर-ए-बे-नवामुझे तू ने अपना बना लियामेरे हाल से है तू बा-ख़बरतेरे सामने मेरा हाल है

या मुस्तफ़ा ! ख़ैरुल-वरा !सल्ले 'अला ! सल्ले 'अला !

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।