नात लिरिक्स

Teri Ek Chashm-e-Rahmat Se Tera Bimar Behtar Hai

तेरी इक चश्म-ए-रहमत से तेरा बीमार बेहतर है

नात ख़्वान: ख़ालिद हसनैन ख़ालिदशायर: नदीम अख़्तरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तेरी इक चश्म-ए-रहमत से तेरा बीमार बेहतर हैहज़ारों तिब्बी नुस्ख़ों से निगाह-ए-यार बेहतर है

जगह मिल जाए गर पा-पोश-गाह-ए-यार में मुझ कोख़ुशा ये मसनद-ए-ताऊस से सद-बार बेहतर है

शहंशाही से बढ़ कर है तेरी पा-पोश-बरदारीसिकंदर से तेरा इक ख़ादिम-ए-दरबार बेहतर है

मक़ाम-ओ-मर्तबा सारी ख़ुदाई में, मेरे आक़ा !तेरा इस पार बेहतर है, तेरा उस पार बेहतर है

मेरे आक़ा से ख़ुश्बू ख़ुल्द की यूँ 'अर्ज़ करती हैहर इक ख़ुश्बू से तेरे जिस्म की महकार बेहतर है

तेरे लहजे का ज़ेर-ओ-बम है दिलकश आबशारों सेगुलिस्ताँ से तेरी गुफ़्तार का गुलज़ार बेहतर है

दिया है हुस्न-ए-कुल ने हुस्न ऐसा तेरी सूरत कोकि दीद-ए-हुस्न-ए-यूसुफ़ से तेरा दीदार बेहतर है

तेरे शीरीं-सुख़न से फूल झड़ते हैं फ़साहत केजिन्हें चुन कर फ़साहत का हुआ मे'यार बेहतर है

हबीब-ए-किब्रिया के 'इश्क़ को दिल में मकीं कर लेमुक़द्दर 'आलमीं में गर तुझे दरकार बेहतर है

खुला है "अय्युकुम मिस्ली" से ये 'उक़्दा, नदीम अख़्तर !हर इक बेहतर से ज़ात-ए-हक़ का वो शहकार बेहतर है

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