नात लिरिक्स

Tere Kooche Se Nikal Kar Main Kidhar Jaunga

तेरे कूचे से निकल कर मैं किधर जाऊँगा

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तेरे कूचे से निकल कर मैं किधर जाऊँगाठोकरें खाता फिरूँगा मैं जिधर जाऊँगा

इज़्न मिल जाएगा उन के दर-ए-दौलत से मुझेफ़ज़्ल-ए-मौला से मैं फिर तयबा नगर जाऊँगा

रश्क आएगा शहीदों को मेरी क़िस्मत परतेरी दहलीज़ पे आ कर जो मैं मर जाऊँगा

मेरे दुश्मन हैं तुले मुझ को मिटाने के लिएगर मदद तेरी न पहुँची तो बिखर जाऊँगा

तेरा दीदार हुआ मुझ को अगर वक़्त-ए-क़ज़ासुर्ख़-रू हो के मैं हस्ती से गुज़र जाऊँगा

मेरे हालात हैं बिगड़े, है मसाइल का हुजूमतेरी इक मीठी नज़र हो तो सँवर जाऊँगा

हश्र में निस्बत-ए-सरकार सिपर होगी मेरीले के, बुरहान ! यही ज़ाद-ए-सफ़र जाऊँगा

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