नात लिरिक्स

Tamanna Hai Shehron Ka Sardar Dekhun

तमन्ना है शहरों का सरदार देखूँ

नात ख़्वान: हाफ़िज़ अमानुल्लाह क़ाज़ीशायर: ज़हीर उस्मानीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मदीना ! मदीना ! मदीना ! मदीना !मदीना ! मदीना ! मदीना ! मदीना !

सल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमसल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम

तमन्ना है शहरों का सरदार देखूँमदीना की गलियाँ-ओ-बाज़ार देखूँ

जहाँ भेज दी रब ने जन्नत बना करहबीब-ए-ख़ुदा का वो दरबार देखूँ

तरसती हैं आँखें जिन्हें देखने कोवो गुंबद, वो जाली, वो मीनार देखूँ

ग़मों में गुज़ारी है ये ज़िंदगानीख़ुशी के वहाँ दिन मैं दो-चार देखूँ

सल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमसल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

मदीना के सुक्कान से जा मिलूँ मैंउन्ही का 'अमल तौर-अतवार देखूँ

तसव्वुर में इतना मैं खो जाऊँ, या रब !नबी के ज़माने के अनवार देखूँ

मुझे वापसी की इजाज़त मिले नाउसी दर का ख़ुद को गिरिफ़्तार देखूँ

सल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमसल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

उतरता है रहमत का सावन वहीं परमलाइक के उस दर पे आसार देखूँ

बड़ी नींद ग़फ़लत की सोया रहा मैंवहाँ रात-भर ख़ुद को बेदार देखूँ

कहाँ है मज़ा इस जहाँ में कहीं भीवहाँ जा के दिन कुछ मज़ेदार देखूँ

सल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमसल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

भरेगा न दिल ये उसे देख कर भीउसे हर नज़र में कई बार देखूँ

उसे देखने की ये चाहत है कितनीकि दिल चाहता है लगातार देखूँ

ख़ुदाया ! तू ले चल ये ख़्वाहिश है दिल कीसुरूर और लज़्ज़त की भरमार देखूँ

सल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लमसल्ले-'अला सय्यिदिना सल्लल्लाहु 'अलैहि व सल्लम

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