नात लिरिक्स

Rab Ko Dekha Hai Mere Nabi Ne Aur Kisi Ne Bhi Dekha Nahin Hai

रब को देखा है मेरे नबी ने और किसी ने भी देखा नहीं है

नात ख़्वान: हाफ़िज़ अमानुल्लाह क़ाज़ीशायर: अमजद साहिबउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सब से प्यारा मेरा नबी है, सब से आ'ला मेरा नबी है

रब को देखा है मेरे नबी ने, और किसी ने भी देखा नहीं हैसब से पर्दा है मेरे ख़ुदा का, और मुहम्मद से पर्दा नहीं है

लाए ईमाँ 'उमर जब नबी पर, बोले आक़ा के क़दमों में जा करमिल गया है मुझे कमली वाला, अब ज़माने की पर्वा नहीं है

रब को देखा है मेरे नबी ने, और किसी ने भी देखा नहीं हैसब से पर्दा है मेरे ख़ुदा का, और मुहम्मद से पर्दा नहीं है

देखती गर ज़ुलैख़ा नबी को, हुस्न-ए-यूसुफ़ पे हरगिज़ न मरतीमेरे प्यारे नबी जैसा जल्वा, हुस्न-ए-यूसुफ़ ने पाया नहीं है

रब को देखा है मेरे नबी ने, और किसी ने भी देखा नहीं हैसब से पर्दा है मेरे ख़ुदा का, और मुहम्मद से पर्दा नहीं है

आप के जैसा अब तक जहाँ में, मुस्तफ़ा ! कोई आया नहीं हैआए भी कैसे जब कि ख़ुदा ने कोई दूजा बनाया नहीं है

रब को देखा है मेरे नबी ने, और किसी ने भी देखा नहीं हैसब से पर्दा है मेरे ख़ुदा का, और मुहम्मद से पर्दा नहीं है

अब कहीं दिल नहीं लग रहा है, तयबा जाने को दिल रो रहा हैमौत आए मदीने में, अमजद ! और कोई तमन्ना नहीं है

रब को देखा है मेरे नबी ने, और किसी ने भी देखा नहीं हैसब से पर्दा है मेरे ख़ुदा का, और मुहम्मद से पर्दा नहीं है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।