नात लिरिक्स

Tajdar-e-Haram Aye Shahanshah-e-Deen | Tum Pe Har Dam Karodon Durood-o-Salam

ताजदार-ए-हरम ऐ शहंशाह-ए-दीं | तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ताजदार-ए-हरम, ऐ शहंशाह-ए-दीं !तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलामहो करम मुझ पे, या सय्यिदल-मुरसलीं !तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

दूर रह कर न दम टूट जाए कहींकाश ! तयबा में, ऐ मेरे माह-ए-मुबीं !दफ़्न होने को मिल जाए दो गज़ ज़मींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

कोई हुस्न-ए-'अमल पास मेरे नहींफँस न जाऊँ क़ियामत में मौला कहींऐ शफ़ी'-ए़-उमम ! लाज रखना तुम्हींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

दोनों 'आलम में कोई भी तुम सा नहींसब हसीनों से बढ़ कर के तुम हो हसींक़ासिम-ए-रिज़्क़-ए-रब्ब-उल-'उला हो तुम्हींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

फ़िक्र-ए-उम्मत में रातों को रोते रहे'आसियों के गुनाहों को धोते रहेतुम पे क़ुर्बान जाऊँ, मेरे मह-ज़बीं !तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

फूल रहमत के हर दम लुटाते रहेयाँ ग़रीबों की बिगड़ी बनाते रहेहौज़-ए-कौसर पे मत भूल जाना कहींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

ज़ुल्म, कुफ़्फ़ार के हँस के सहते रहेफिर भी हर आन हक़ बात कहते रहेकितनी मेहनत से की तुम ने तब्लीग़-ए-दींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

मौत के वक़्त कर दो निगाह-ए-करमकाश ! इस शान से ये निकल जाए दमसंग-ए-दर पर तुम्हारे हो मेरी जबींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

अब मदीने में हम को बुला लीजिएऔर सीना मदीना बना दीजिएअज़-प-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म, इमाम-ए-मुबीं !तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

'इश्क़ से तेरे मा'मूर सीना रहेलब पे हर दम मदीना-मदीना रहेबस मैं दीवाना बन जाऊँ, सुल्तान-ए-दीं !तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

दूर हो जाएँ दुनिया के रंज-ओ-अलमहो 'अता अपना ग़म, दीजिए चश्म-ए-नममाल-ओ-दौलत की कसरत का तालिब नहींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

अब बुला लो मदीने में 'अत्तार कोअपने क़दमों में रख लो गुनहगार कोकोई इस के सिवा आरज़ू ही नहींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

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