नात लिरिक्स

Kya Karoon Ke Yaad Aati Hain Sunehri Jaliyan

क्या करूँ कि याद आती हैं सुनहरी जालियाँ

नात ख़्वान: ख़ालिद हसनैन ख़ालिदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दूर कब तक रहूँ मदीने सेशर्म आती है अब तो जीने से

क्या करूँ कि याद आती हैं सुनहरी जालियाँदिल में इक हलचल मचाती हैं सुनहरी जालियाँ

फूटने लगती हैं फिर उम्मीद की किरनें नईख़्वाब आँखों में जगाती हैं सुनहरी जालियाँ

दिल में इक हलचल मचाती हैं सुनहरी जालियाँ

ज़िंदगी भर की थकन को दूर कर देती हैं वोप्यार से जब मुस्कुराती हैं सुनहरी जालियाँ

दिल में इक हलचल मचाती हैं सुनहरी जालियाँ

अपनी पलकों से उन्हें मैं चूमता हूँ देर तकदिल मे जब भी जगमगाती हैं सुनहरी जालियाँ

दिल में इक हलचल मचाती हैं सुनहरी जालियाँ

पूछने वाले ! मैं लफ़्ज़ों में बयाँ कैसे करूँ ?क्या बताऊँ, क्या दिखाती हैं सुनहरी जालियाँ

दिल में इक हलचल मचाती हैं सुनहरी जालियाँ

जो यहाँ पहुँचा वो आक़ा की शफ़ा'अत पा गयाराह जन्नत की दिखाती हैं सुनहरी जालियाँ

दिल में इक हलचल मचाती हैं सुनहरी जालियाँ

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