नात लिरिक्स

Mudda Zeest Ka Main Ne Paya | Ik Nayi Naat Suna Lun To Chalun | Sayyadi Anta Habibi

मुद्दआ ज़ीस्त का मैं ने पाया | इक नई नात सुना लूँ तो चलूँ | सय्यिदी अंता हबीबी

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: अदीब रायपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सय्यिदी अंता हबीबीसय्यिदी अंता हबीबी

मुद्द'आ ज़ीस्त का मैं ने पायारहमत-ए-हक़ ने किया फिर सायामेरे आक़ा ने करम फ़रमायाफिर मदीने का बुलावा आया

पहले कुछ अश्क बहा लूँ तो चलूँइक नई ना'त सुना लूँ तो चलूँ

सय्यिदी अंता हबीबीसय्यिदी अंता हबीबी

चाँद तारे भी मुझे देखेंगेमाह-पारे भी मुझे देखेंगेख़ुद नज़ारे भी मुझे देखेंगेग़म के मारे भी मुझे देखेंगे

मैं नज़र सब से बचा लूँ तो चलूँइक नई ना'त सुना लूँ तो चलूँ

सय्यिदी अंता हबीबीसय्यिदी अंता हबीबी

शुक्र में सर को झुकाने के लिएदाग़ हसरत के मिटाने के लिएबख़्त-ए-ख़्वाबीदा जगाने के लिएउन के दरबार में जाने के लिए

अपनी औक़ात बना लूँ तो चलूँइक नई ना'त सुना लूँ तो चलूँ

सय्यिदी अंता हबीबीसय्यिदी अंता हबीबी

शुक्र में सर को झुकाने के लिएदाग़ हसरत के मिटाने के लिएबख़्त-ए-ख़्वाबीदा जगाने के लिएउन के दरबार में जाने के लिए

इज़्न सरकार से पा लूँ तो चलूँइक नई ना'त सुना लूँ तो चलूँ

सय्यिदी अंता हबीबीसय्यिदी अंता हबीबी

दिल ये कहता है मचल जाने दोअश्क कहते हैं कि बह जाने दोसर है बेचैन कि झुक जाने दोरूह कहती है कि उड़ जाने दो

नाज़ इन सब के उठा लूँ तो चलूँइक नई ना'त सुना लूँ तो चलूँ

सय्यिदी अंता हबीबीसय्यिदी अंता हबीबी

सामने हो जो दर-ए-लुत्फ़-ओ-करमयूँ करूँ 'अर्ज़ कि, या शाह-ए-उमम !आ गया आप का मोहताज-ए-करमइस गुनाहगार का रखिएगा भरम

शौक़ को 'अर्ज़ बना लूँ तो चलूँइक नई ना'त सुना लूँ तो चलूँ

सय्यिदी अंता हबीबीसय्यिदी अंता हबीबी

उन की मिदहत में है जीना मेराकैसे डूबेगा सफ़ीना मेरा ?देख लो चीर के सीना मेरादिल है या शहर-ए-मदीना मेरा

दिल, अदीब ! अपना दिखा लूँ तो चलूँइक नई ना'त सुना लूँ तो चलूँ

सय्यिदी अंता हबीबीसय्यिदी अंता हबीबी

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