नात लिरिक्स

Sarkar Tere Aane Se Gulshan Mein Baharein Aain

सरकार तेरे आने से गुलशन में बहारें आईं

नात ख़्वान: हाजी मुश्ताक़ अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रूह-ए-अर्ज़-ओ-समा बन के आयासब रसूल-ए-ख़ुदा बन के आएवो हबीब-ए-ख़ुदा बन के आया

सरकार ! तेरे आने से गुलशन में बहारें आईंतेरे नूर से, प्यारे आक़ा ! 'आलम में रौशनी छाई

सरकार ! तेरे आने

सब छट गए ग़म के साए, सरकार मेरे जब आएअब छा गई हर-सू ख़ुशियाँ, मसरूर है सारी ख़ुदाई

सरकार ! तेरे आने से गुलशन में बहारें आईंतेरे नूर से, प्यारे आक़ा ! 'आलम में रौशनी छाई

सरकार ! तेरे आने

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गएनूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गए

जब जल्वा-फ़िगन हुए आक़ा, सज्दे में झुका था का'बाऐ आमिना ! कैसी तेरी क़िस्मत ये ख़ुदा ने बनाई

सरकार ! तेरे आने से गुलशन में बहारें आईंतेरे नूर से, प्यारे आक़ा ! 'आलम में रौशनी छाई

सरकार ! तेरे आने

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गएनूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गए

जल्वों से तुम्हारे, आक़ा ! फैली है नूर की किरनेंख़ुर्शीद-ओ-क़मर ने, आक़ा ! तुम से ही ज़िया है पाई

सरकार ! तेरे आने से गुलशन में बहारें आईंतेरे नूर से, प्यारे आक़ा ! 'आलम में रौशनी छाई

सरकार ! तेरे आने

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गएनूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गए

सुब्ह तयबा में हुई बटता है बाड़ा नूर कासदक़ा लेने नूर का आया है तारा नूर का

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