नात लिरिक्स

Gunahon Ki Nahin Jati Hai Aadat Ya Rasool Allah

गुनाहों की नहीं जाती है आदत या रसूलल्लाह

नात ख़्वान: हाजी मुश्ताक़ अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

गुनाहों की नहीं जाती है 'आदत, या रसूलल्लाह !तुम्हीं अब कुछ करो, माह-ए-रिसालत या रसूलल्लाह !

गुनाहों से मुझे हो जाए नफ़रत, या रसूलल्लाह !निकल जाए बुरी हर एक ख़सलत, या रसूलल्लाह !

गुनह लम्हा-ब-लम्हा हाए ! अब बढ़ते ही जाते हैंनहीं पर इस पे हाए कुछ नदामत, या रसूलल्लाह !

गुनह कर कर के हाए ! हो गया दिल सख़्त पत्थर सेकरूँ किस से कहाँ जा कर शिकायत, या रसूलल्लाह !

मैं बचना चाहता हूँ हाए ! फिर भी बच नहीं पातागुनाहों की पड़ी है ऐसी 'आदत, या रसूलल्लाह !

कमर आ'माल-ए-बद ने हाए ! मेरी तोड़ कर रख दीतबाही से बचा लो, जान-ए-रहमत या रसूलल्लाह !

मेरे मुँह की सियाही से अँधेरी रात शरमाएमेरा चेहरा हो ताबाँ, नूर-ए-'इज़्ज़त या रसूलल्लाह !

ब-वक़्त-ए-नज़'अ, आक़ा ! हो न जाऊँ मैं कहीं बर्बादमेरा ईमान रख लेना सलामत, या रसूलल्लाह !

तेरे रब की क़सम मैं लाइक़-ए-नार-ए-जहन्नम हूँबचा सकती है बस तेरी शफ़ा'अत, या रसूलल्लाह !

यहाँ जैसे हमारी 'ऐब-पोशी आप करते हैंवहाँ भी आप रख लीजेगा 'इज़्ज़त, या रसूलल्लाह !

फ़साद-ए-नफ़्स-ए-ज़ालिम से बचा लो अज़ प-ए-शैख़ैनकरो शैतान से मेरी हिफ़ाज़त, या रसूलल्लाह !

सही जाती नहीं हैं सख़्तियाँ सकरात की, सरकार !सर-ए-बालीं अब आओ, जान-ए-रहमत या रसूलल्लाह !

मेरा ये ख़्वाब हो जाए, शहा ! शर्मिंदा-ए-ता'बीरमदीने में पियूँ जाम-ए-शहादत, या रसूलल्लाह !

मेरे दिल से हवस दुनिया की दौलत की निकल जाए'अता कर दो मुझे बस अपनी उल्फ़त, या रसूलल्लाह !

मेरे आँसू न हों बर्बाद दुनिया की मोहब्बत मेंरुलाए बस मुझे तेरी मोहब्बत, या रसूलल्लाह !

फँसा जाता है दुनिया की मोहब्बत में दिल-ए-'अत्तारकरो 'अत्तार से ये दूर आफ़त, या रसूलल्लाह !

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