नात लिरिक्स

Bahut Ranjeeda-o-Ghamgeen Hai Dil Ya Rasoolallah

बहुत रंजीदा-ओ-ग़मगीन है दिल या रसूलल्लाह

नात ख़्वान: हाजी मुश्ताक़ अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बहुत रंजीदा-ओ-ग़मगीन है दिल, या रसूलल्लाह !करम कर दो, कली दिल की उठे खिल, या रसूलल्लाह !

बलाओं ने मुझे हर सम्त से कुछ ऐसा घेरा हैमेरे बढ़ते ही जाते हैं मसाइल, या रसूलल्लाह !

दिल-ए-मग़्मूम का सब हाल, आक़ा ! तुम पे ज़ाहिर हैशहा ! हूँ मरहम-ए-तस्कीं का साइल, या रसूलल्लाह !

ग़म-ओ-आलाम का मारा हूँ, आक़ा ! बे-सहारा हूँमेरी आसान हो हर एक मुश्किल, या रसूलल्लाह !

तुम्हें देता हूँ, मौला ! वासिता मैं चार यारों कामेरे हो जाएँ तय मुश्किल मराहिल, या रसूलल्लाह !

जो तू चाहे तो मेरे ग़म की बेड़ी गिर पड़े कट करनहीं तेरे लिए ये कोई मुश्किल, या रसूलल्लाह !

शहा ! मंडला रही है मौत सर पर फिर भी मेरा नफ़्सगुनाहों की तरफ़ हर-दम है माइल, या रसूलल्लाह !

गुनाहों के सभी अमराज़, आक़ा ! दूर फ़रमा दोसँवर जाएँ मेरे सब बद-ख़साइल, या रसूलल्लाह !

कुछ ऐसी आग उल्फ़त की लगा दो मेरे सीने मेंमैं तड़पूँ ख़ूब तड़पूँ मिस्ल-ए-बिस्मिल, या रसूलल्लाह !

अभी बन जाए बिगड़ी तेरे इक अदना इशारे सेतेरे अत्तार के हल हों मसाइल, या रसूलल्लाह !

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