नात लिरिक्स

Mere Lab Pe Raat Din Hai Tera Naam Ghaus-e-Azam

मेरे लब पे रात दिन है तेरा नाम ग़ौस-ए-आज़म

नात ख़्वान: हाजी मुश्ताक़ अत्तारीशायर: क़मर अंजुमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे लब पे रात दिन है तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !तेरे ज़िक्र से बने हैं मेरे काम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मेरे रास्ते में आ कर कभी मुश्किलें न ठहरींमेरे काम आ रहा है तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

जो नज़र उठा के देखूँ तो हो सामने मदीनामेरे 'इश्क़ को 'अता कर वो मक़ाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू 'अली का ज़ोर-ए-बाज़ू, तू रसूल-ए-हक़ की ख़ुश्बूहै सख़ावतों का मंसब तेरे नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मेरा का'बा-ए-इरादत है उन्हीं का आस्तानाकि तमाम औलिया के हैं इमाम ग़ौस-ए-आ'ज़म

करे क्यूँ न आ के का'बा भी तवाफ़ उन के दर काकि तमाम औलिया के हैं इमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मेरी ख़ाली झोली भर दे, मुझे मालामाल कर देतेरा फ़ैज़, तेरी रहमत तो है 'आम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

है उन्हीं के रुख़ से रौशन मह-ओ-मेहर और, अंजुम !मेरी सुब्ह ग़ौस-ए-आ'ज़म, मेरी शाम ग़ौस-ए-आ'ज़म

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