नात लिरिक्स

Jabeen Meri Ho Sang-e-Dar Tumhara Ya Rasoolallah

जबीं मेरी हो संग-ए-दर तुम्हारा या रसूलल्लाह

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: क़मर अंजुमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जबीं मेरी हो संग-ए-दर तुम्हारा, या रसूलल्लाह !यही है एक जीने का सहारा, या रसूलल्लाह !

दिखा दो अपना चेहरा प्यारा प्यारा, या रसूलल्लाह !ख़ुदा-रा जीते जी कर लूँ नज़ारा, या रसूलल्लाह !

नहीं फ़ुर्क़त में अब जीने का चारा, या रसूलल्लाह !बुला लो अपने क़दमों में ख़ुदा-रा, या रसूलल्लाह !

तुम्ही हो बे-सहारों का सहारा, या रसूलल्लाह !तुम्ही को हर दुखी दिल ने पुकारा, या रसूलल्लाह !

मैं क़ुर्बां इस अदा-ए-दस्तगीरी पर, मेरे आक़ा !मदद को आ गए जब भी पुकारा, या रसूलल्लाह !

नदामत है ख़ताओं पर मगर नाज़ाँ हूँ क़िस्मत परमेरे हाथों में है दामन तुम्हारा, या रसूलल्लाह !

अगर कोई तमन्ना है तो बस इतनी तमन्ना हैमैं कहलाऊँ दो 'आलम में तुम्हारा, या रसूलल्लाह !

नहीं ऐसा कोई जिस पर न हो एहसान की बारिशतेरे टुकड़ों पे है सब का गुज़ारा, या रसूलल्लाह !

ब-रोज़-ए-हश्र मेरे इस यक़ीं की लाज़ रख लेनातुम्हारा हूँ, तुम्हारा हूँ, तुम्हारा, या रसूलल्लाह !

ग़ुलामान-ए-नबी महशर में यूँ पहचाने जाएँगेकि होगा हश्र में भी उन का ना'रा, या रसूलल्लाह !

ज़माना छूट जाए, रूठ जाए, कुछ नहीं परवाहन छूटे हाथ से दामन तुम्हारा, या रसूलल्लाह !

तेरा दर हो, मेरा सर हो, सुकून-ए-दिल मुयस्सर होफिरे कब तक ये अंजुम मारा मारा, या रसूलल्लाह !

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