नात लिरिक्स

Qadira Sarwara Rahnuma Dastagir

क़ादिरा सरवरा रहनुमा दस्त-गीर

नात ख़्वान: हाजी मुश्ताक़ अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क़ादिरा सरवरा रहनुमा दस्त-गीरग़ौस-ए-आ'ज़म इमाम-ए-मुबीं बे-नज़ीर

तेरे ज़ेर-ए-क़दम औलिया अस्फ़ियासरवर-ए-सरवराँ पीर-ए-रौशन-ज़मीर

ज़िक्र से तेरे टल जाएँ सब मुश्किलेंनाम से तेरे पाएँ रिहाई असीर

तू जिसे चाहे दे, जिस क़दर चाहे देतेरी बख़्शिश निराली, 'अता बे-नज़ीर

कुछ नहीं चाहते तेरे दर के सिवाकैसे सुल्तान हैं तेरे दर के फ़क़ीर

तू ने अहमद रज़ा को यूँ आ'ला कियाकि ज़माने में मिलती नहीं है नज़ीर

तू है आईना-ए-सीरत-ए-मुस्तफ़ातू 'अलीम-ओ-ख़बीर-ओ-बशीर-ओ-नज़ीर

तेरी निस्बत है मे'यार-ए-'इज़्ज़-ओ-शरफ़कैसे अदना रहे जिस का आ'ला हो पीर

ये वज़ीफ़ा है हर दुख का दरमाँ, वक़ार !ग़ौस-ए-आ'ज़म मदद ! अल-मदद दस्त-गीर !

ये वज़ीफ़ा है हर ग़म का दरमाँ, वक़ार !ग़ौस-ए-आ'ज़म मदद अल-मदद दस्त-गीर !

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