नात लिरिक्स

Sahaaba Sahaaba, Hamaare Sahaaba

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

शायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी

सिद्दीक़ की सदाक़त, ज़िंदाबाद  ज़िंदाबादफ़ारूक़ की अदालत, ज़िंदाबाद  ज़िंदाबादउस्मान की सख़ावत, ज़िंदाबाद  ज़िंदाबादहैदर की शुजाअत, ज़िंदाबाद  ज़िंदाबाद

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबासहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

ख़ुदा के हैं प्यारे हमारे सहाबानबी चाँद हैं और सितारे सहाबा

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबासहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

हुब्ब-ए-सहाबा ज़िंदाबादबुग़्ज़-ए-सहाबा मुर्दाबाद

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबासहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

सहाबा की अज़मत पे मरते रहेंगेहै जीने का मक़सद दिफ़ा-ए-सहाबा

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबासहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

इताअ'त करोगे, हिदायत मिलेगीहिदायत के तारे हमारे सहाबा

हुब्ब-ए-सहाबा ज़िंदाबादबुग़्ज़-ए-सहाबा मुर्दाबाद

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबासहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

सहाबा के शातिम पे लानत ख़ुदा कीसभी जन्नती हैं हमारे सहाबा

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबासहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

हम आल-ए-नबी और सहाबा के आशिक़तमाम अहल-ए-बैत और सारे सहाबा

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबासहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

सहाबा के ग़ुस्ताखों ! अंजाम सोचोपड़ेगी तुम्हें जब मार-ए-सहाबा

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबासहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

है मेयार-ए-ईमान-ए-कामिल उजागरख़ुदा की क़सम ! है हमारे सहाबा

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबासहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

जो सहाबा का नहीं, वो हमारा नहींजो सहाबा का नहीं, वो हमारा नहीं

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