नात लिरिक्स

Saamne Hai Manjdhaar, Aaqa !, Kashti Laga Do Paar, Aaqa !

सामने है मंजधार, आक़ा !, कश्ती लगा दो पार, आक़ा !

नात ख़्वान: ग़ुलाम नूर-ए-मुजस्समउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सामने है मंजधार, आक़ा !कश्ती लगा दो पार, आक़ा !

आशिक़ है बेदार, आक़ा !आप का है इंतिजार, आक़ा !

चाँद सितारे देख लिएइन के नज़ारे देख लिएतयबा का हो दीदार, आक़ा !आप का है इंतिजार, आक़ा !

फिर से हवा-ए-कुफ़्र चलीउम्मत है नर्ग़े में फँसीउम्मत के ग़म-ख़्वार, आक़ा !आप का है इंतिजार, आक़ा !

सूखे हुए लब खिलते हैंपत्थर-दिल भी पिगलते हैंऐसा तेरा किरदार, आक़ा !आप का है इंतिजार, आक़ा !

आप की याद के ग़म के सिवाकोई नहीं हमदर्द मेरादेख चुके संसार, आक़ा !आप का है इंतिजार, आक़ा !

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