नात लिरिक्स

Aabroo-e-Ummat Hain Sayyida Ke Ghar Wale | Waqt Ki Zaroorat Hain Sayyida Ke Ghar Wale

आबरू-ए-उम्मत हैं सय्यिदा के घर वाले | वक़्त की ज़रुरत हैं सय्यिदा के घर वाले

नात ख़्वान: ग़ुलाम नूर-ए-मुजस्समशायर: ग़ुलाम नूर-ए-मुजस्समउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आबरू-ए-उम्मत हैं सय्यिदा के घर वालेवक़्त की ज़रुरत हैं सय्यिदा के घर वाले

ख़त्म हो गई होती ज़लज़ले में ये दुनियाइस ज़मीं पे रहमत हैं सय्यिदा के घर वाले

कह रहा है दुनिया से सर हुसैन-ए-आ'ज़म कालाइक़-ए-इमामत हैं सय्यिदा के घर वाले

ज़ुल्म ने बहुत चाहा नस्ल ख़त्म हो जाएआज भी सलामत हैं सय्यिदा के घर वाले

हम ने ख़ूब देखा है बारगाह-ए-ख़्वाजा मेंमरकज़-ए-सख़ावत हैं सय्यिदा के घर वाले

दामन-ए-सहाबा है अब भी मेरे हाथों मेंहाँ मेरी ज़मानत हैं सय्यिदा के घर वाले

भूक बारह सालों की कह रही है दुनिया सेजबल-ए-इस्तेक़ामत हैं सय्यिदा के घर वाले

ऐ यज़ीद के हामी ! मुँह कहाँ छुपाएगामालिकान-ए-जन्नत हैं सय्यिदा के घर वाले

जिस्म ज़िंदा रहता है ख़ून की हरारत सेख़ून की हरारत हैं सय्यिदा के घर वाले

हम 'अली के दीवानें हौसला न हारेंगेहौसलों की ताक़त हैं सय्यिदा के घर वाले

मेरे सीने में इक दिल, नूर ! मेरे उस दिल मेंबर-सर-ए-हुकूमत हैं सय्यिदा के घर वाले

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