नात लिरिक्स

Jab Zamaane Ne Sataaya To Nabi Yaad Aae

जब ज़माने ने सताया तो नबी याद आए

नात ख़्वान: ग़ुलाम नूर-ए-मुजस्समशायर: ग़ुलाम नूर-ए-मुजस्समउपलब्ध: हिंदी

जब ज़माने ने सताया तो नबी याद आएकाम कोई भी न आया तो नबी याद आए

मुश्किलें आईं तो आवाज़ लगाई उन कोमुश्किलों से निकल आया तो नबी याद आए

जब ज़माने ने सताया तो नबी याद आएकाम कोई भी न आया तो नबी याद आएचाहने वालों की महफ़िल में हुज़ूर आते हैंजश्न-ए-मीलाद मनाया तो नबी याद आए

जब ज़माने ने सताया तो नबी याद आएकाम कोई भी न आया तो नबी याद आए

एक एक हर्फ़ ने आक़ा की गवाही दी हैमाँ ने क़ुरआन पढ़ाया तो नबी याद आए

जब ज़माने ने सताया तो नबी याद आएकाम कोई भी न आया तो नबी याद आए

चोर ईमान के आए थे मगर तुम ने रज़ानींद से हम को जगाया तो नबी याद आए

जब ज़माने ने सताया तो नबी याद आएकाम कोई भी न आया तो नबी याद आए

धूप की ज़द में था ये नूर-ए-मुजस्सम कब सेसर पे आया कोई साया तो नबी याद आए

जब ज़माने ने सताया तो नबी याद आएकाम कोई भी न आया तो नबी याद आए

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