नात लिरिक्स

Rahenge Hashr Tak Baaqi Bahattar Karbala Waale

रहेंगे हश्र तक बाक़ी बहत्तर कर्बला वाले

नात ख़्वान: अहमदुल फ़त्ताहउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रहेंगे हश्र तक बाक़ी बहत्तर कर्बला वालेयज़ीदी मिट गए लेकिन हैं घर घर कर्बला वाले

सुनो, ए ज़ालिमो ! तुम प्यास का ताना न दो उन कोहैं रखते अपनी ठोकर में समंदर कर्बला वाले

यज़ीदी हैं कि मरते जा रहे हैं पानी पी पी करहैं प्यासे फिर भी ज़िंदा हैं बहत्तर कर्बला वाले

यज़ीदी फ़ौज थर थर काँप उठी, शल हुए बाज़ूचले जब रन में सज कर प्यारे अकबर कर्बला वाले

जो दुनिया में लगाते हैं सबील-ए-सय्यिदुश्शुहदापिलाएँगे उन्हें महशर में कौसर कर्बला वाले

मेरा ईमाँ है, 'आबिद ! इम्तिहान-ए-सब्र है वर्नाहर इक दुश्मन पे भारी हैं ये असग़र कर्बला वाले

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