नात लिरिक्स

Sara Aalam Muskuraya Aap Ke Milad Par

सारा आलम मुस्कुराया आप के मीलाद पर

नात ख़्वान: अहमदुल फ़त्ताहशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सारा 'आलम मुस्कुराया आप के मीलाद परहूरों ने नग़्मा सुनाया आप के मीलाद पर

बेटियों को दफ़्न कर देते थे ज़िंदा अश्क़ियाबेटियों ने चैन पाया आप के मीलाद पर

एक शैतान-ए-ल'ईं को छोड़ कर, ऐ मुन्किरो !सारा 'आलम मुस्कुराया आप के मीलाद पर

जान-ए-ईमाँ जान-ए-का'बा ! आप के ए'ज़ाज़ मेंरब ने का'बे को झुकाया आप के मीलाद पर

मेरे घर भी आओगे, सरकार ! मैं ने इस लिएफ़र्श आँखों को बनाया आप के मीलाद पर

मुन्किरो झंडे के ! देखो हज़रत-ए-जिब्रील नेका'बे पे झंडा लगाया आप के मीलाद पर

आप की आमद से बढ़ कर क्या ख़ुशी है इस लिएमैं ने अपना घर सजाया आप के मीलाद पर

सारा 'आलम शाद है, चारों तरफ़ हैं शादियाँजश्न हम ने भी मनाया आप के मीलाद पर

सुब्ह तयबा में हुई बटता है बाड़ा नूर काये रज़ा ने गीत गाया आप के मीलाद पर

'आशिक़ान-ए-मुस्तफ़ा को रक़्स करता देख करवज्द में 'आसिम भी आया आप के मीलाद पर

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।