नात लिरिक्स

Bayan Kaise Karun Rutba Raza Ka | Zamane Bhar Mein Hai Charcha Raza Ka

बयाँ कैसे करूँ रुत्बा रज़ा का | ज़माने भर में है चर्चा रज़ा का

नात ख़्वान: हसन रज़ा नोशाहीशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बयाँ कैसे करूँ रुत्बा रज़ा काज़माने भर में है चर्चा रज़ा का

बयाँ कैसे करूँ रुत्बा रज़ा का

दिया है 'उम्र भर दर्स-ए-मोहब्बतमुझे प्यारा लगा उस्वा रज़ा का

बयाँ कैसे करूँ रुत्बा रज़ा का

'अरब वालों ने उन की बात मानीबड़ा मज़बूत है फ़त्वा रज़ा का

बयाँ कैसे करूँ रुत्बा रज़ा का

मज़ारों में बहारें आज जो हैंक़सम रब की ! ये है सदक़ा रज़ा का

बयाँ कैसे करूँ रुत्बा रज़ा का

वहाबी भागा उस दम दुम दबा करपड़ा है जिस घड़ी कोड़ा रज़ा का

बयाँ कैसे करूँ रुत्बा रज़ा का

ज़माना जानता है, सय्यदों सेबड़ा मज़बूत है रिश्ता रज़ा का

बयाँ कैसे करूँ रुत्बा रज़ा का

रज़ा से जलने वाले मिट गए सबमगर है आज भी चर्चा रज़ा का

बयाँ कैसे करूँ रुत्बा रज़ा का

जहाँ जाए यही सुनता है 'आसिमकि बेशक तू है दीवाना रज़ा का

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