नात लिरिक्स

Duniya Ka Sab Se Bada Jashn Hai | Dunya Ka Sab Se Bara Jashn Hai

दुनिया का सब से बड़ा जश्न है

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अस्सलामु 'अलैका या ! या रसूलल्लाह !अस्सलामु 'अलैका या हबीबी ! या नबियल्लाह !

सज गई है ये ज़मीं, सज गया है आसमाँमुस्तफ़ा के नूर से सज गया है कुल जहाँ

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा सल्ले-'अला !

दुनिया का सब से बड़ा, सब से बड़ा जश्न हैमेरे सरकार के मीलाद का ये जश्न है

आक़ा का जश्न है, मौला का जश्न हैप्यारे का जश्न है, जश्न है

जब बारहवीं का चाँद ज़माने पे छा गयाबुत गिर गए ज़मीन पे, शैतान रो पड़ातारे भी झूम झूम के क़दमों में गिर गएका'बा भी मुस्तफ़ा की सलामी को झुक गया

सज गई है ये ज़मीं, सज गया है आसमाँमुस्तफ़ा के नूर से सज गया है कुल जहाँ

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा सल्ले-'अला !

दुनिया का सब से बड़ा, सब से बड़ा जश्न हैमेरे सरकार के मीलाद का ये जश्न है

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

सब से बड़ा है जश्न ख़ुदा के हबीब काजिन के तुफ़ैल रब ने बनाए हैं दो-जहाँहोते न मुस्तफ़ा तो न होती ये काइनातज़िंदा हैं हम जो आज, है सदक़ा रसूल का

सज गई है ये ज़मीं, सज गया है आसमाँमुस्तफ़ा के नूर से सज गया है कुल जहाँ

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा सल्ले-'अला !

दुनिया का सब से बड़ा, सब से बड़ा जश्न हैमेरे सरकार के मीलाद का ये जश्न है

आक़ा का जश्न है, मौला का जश्न हैप्यारे का जश्न है, जश्न है

शान-ए-नबी का बयाँ, मक़्सद-ए-मीलाद हैआल-ए-नबी से वफ़ा, मक़्सद-ए-मीलाद हैज़िक्र हो असहाब का, मक़्सद-ए-मीलाद हैज़िंदगी में रौशनी, बरकत-ए-मीलाद है'इल्म से ये दोस्ती, बरकत-ए-मीलाद हैईमाँ में ताज़गी, बरकत-ए-मीलाद हैमुस्तफ़ा की गुफ़्तुगू, 'अज़मत-ए-मीलाद हैहो रही है चार-सू, 'अज़मत-ए-मीलाद है'आशिक़ों के रू-ब-रू, 'अज़मत-ए-मीलाद है

आया है आज वो जिसे आदम करे सलामहर इक नबी का रब ने बनाया जिसे इमाम'ईसा को भी है उम्मती होने की आरज़ूयूसुफ़ भी जिस पे क़ुर्बां है, जिब्रील है ग़ुलाम

सज गई है ये ज़मीं, सज गया है आसमाँमुस्तफ़ा के नूर से सज गया है कुल जहाँ

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा सल्ले-'अला !

दुनिया का सब से बड़ा, सब से बड़ा जश्न हैमेरे सरकार के मीलाद का ये जश्न है

त़ल'अल-बद्रु 'अलैना, मिन स़निय्यतिल-वदा'इवजब-श्शुक्रु 'अलैना, मा द'आ लिल्लाहि दा'ई

आए नबी तो बेटियाँ दबने से बच गईंबेवाओं की भी डोलियाँ हैं फिर से सज गईंमाओं को ख़ुल्द, बेटी को रहमत बना दियादीवारें नफ़रतों की ज़मीं में हैं धँस गईं

सज गई है ये ज़मीं, सज गया है आसमाँमुस्तफ़ा के नूर से सज गया है कुल जहाँ

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा सल्ले-'अला !

दुनिया का सब से बड़ा, सब से बड़ा जश्न हैमेरे सरकार के मीलाद का ये जश्न है

आक़ा का जश्न है, मौला का जश्न हैप्यारे का जश्न है, जश्न है

कर के चराग़ाँ सारा जहाँ जगमगा दियाहर घर पे 'आशिक़ों ने है झंडा लगा दियालंगर कहीं है और कहीं शर्बत-ओ-सबील'उश्शाक़-ए-मुस्तफ़ा कभी होते नहीं बख़ील

सज गई है ये ज़मीं, सज गया है आसमाँमुस्तफ़ा के नूर से सज गया है कुल जहाँ

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा सल्ले-'अला !

दुनिया का सब से बड़ा, सब से बड़ा जश्न हैमेरे सरकार के मीलाद का ये जश्न है

नबियों के सुल्तान आए ! मरहबा या मुस्तफ़ा !दो-जहाँ की शान आए ! मरहबा या मुस्तफ़ा !साहिब-ए-क़ुरआन आए ! मरहबा या मुस्तफ़ा !'आशिक़ों की जान आए ! मरहबा या मुस्तफ़ा !सय्यिद-ओ-सरदार आए ! मरहबा या मुस्तफ़ा !ख़ल्क़ के सरकार आए ! मरहबा या मुस्तफ़ा !अहमद-ए-मुख़्तार आए ! मरहबा या मुस्तफ़ा !दिलबर-ओ-दिलदार आए ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

अस्सलाम, ऐ जान-ए-'आलम !अस्सलाम, ईमान-ए-'आलम !शाह-ए-दीं ! सुल्तान-ए-'आलम !मरहबा मुस्तफ़ा !

ये जश्न कोई आज की ईजाद तो नहींसदियों से हो रहा है, नई बात तो नहींआमद की अपनी याद नबी ने मनाई हैख़ुद रब्ब-ए-काइनात ने महफ़िल सजाई है

सज गई है ये ज़मीं, सज गया है आसमाँमुस्तफ़ा के नूर से सज गया है कुल जहाँ

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा सल्ले-'अला !

दुनिया का सब से बड़ा, सब से बड़ा जश्न हैमेरे सरकार के मीलाद का ये जश्न है

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

रब ने रसूल-ए-पाक को बख़्शा है वो मक़ामइंसान क्या चरिंद भी करते हैं एहतिरामसूरज फिरे तो चाँद इशारे से चाक होबादल करे है साया, शजर भी करें सलाम

सज गई है ये ज़मीं, सज गया है आसमाँमुस्तफ़ा के नूर से सज गया है कुल जहाँ

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा सल्ले-'अला !

दुनिया का सब से बड़ा, सब से बड़ा जश्न हैमेरे सरकार के मीलाद का ये जश्न है

आक़ा का जश्न है, मौला का जश्न हैप्यारे का जश्न है, जश्न है

नामूस-ए-मुस्तफ़ा के मुहाफ़िज़ पे हो सलामअहमद रज़ा पे, ख़ादिम-ए-रज़वी पे हो सलामनामूस पर हो पहरा, है 'आसिम ! मिशन यहीहै जान भी हमारी रसूल-ए-ख़ुदा के नाम

लब्बैक ! लब्बैक ! लब्बैक या रसूलल्लाह !लब्बैक ! लब्बैक ! लब्बैक या रसूलल्लाह !

ये दिल भी तुम्हारा है ! लब्बैक या रसूलल्लाह !ये जाँ भी तुम्हारी है ! लब्बैक या रसूलल्लाह !हम 'इश्क़ के ग़ाज़ी हैं ! लब्बैक या रसूलल्लाह !हम तेरे सिपाही हैं ! लब्बैक या रसूलल्लाह !सौदा नहीं करेंगे ! लब्बैक या रसूलल्लाह !ईमान न बेचेंगे ! लब्बैक या रसूलल्लाह !सब कुछ ही तुम्हारा है ! लब्बैक या रसूलल्लाह !सब कुछ ही लुटाएँगे ! लब्बैक या रसूलल्लाह !लब्बैक या रसूलल्लाह ! लब्बैक या रसूलल्लाह !

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