नात लिरिक्स

Aap Makhdoom Hain Aur Khadim Hain Ham, Ye Ghulami Ka Rishta Salamat Rahe

आप मख़्दूम हैं और ख़ादिम हैं हम, ये ग़ुलामी का रिश्ता सलामत रहे

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: सय्यिद जामी अशरफ़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या अशरफ़ सरकार ! या अशरफ़ सरकार !

सरवरा, शाहा, करीमा, दस्तगीरा, अशरफ़ाहुर्मत-ए-रूह-ए-पयंबर, यक नज़र कुन सू-ए-मा

आप मख़्दूम हैं और ख़ादिम हैं हमये ग़ुलामी का रिश्ता सलामत रहेहम ग़ुलामों के दिल की ये आवाज़ हैआप का प्यारा रोज़ा सलामत रहे

आप सुलतान हैं, शाह-ए-सिमनान हैंआप ज़हरा के आँगन का फ़ैज़ान हैंआप आल-ए-नबी और जान-ए-'अलीये किछौछा का जल्वा सलामत रहे

आप मख़्दूम हैं और ख़ादिम हैं हमये ग़ुलामी का रिश्ता सलामत रहेहम ग़ुलामों के दिल की ये आवाज़ हैआप का प्यारा रोज़ा सलामत रहे

राहत-ए-दिल है ये राहत-ए-जान हैकपकपाते लबों की ये मुस्कान हैअल-मदद अशरफ़ा ! अल-मदद अशरफ़ा !ये हमारा वज़ीफ़ा सलामत रहे

आप मख़्दूम हैं और ख़ादिम हैं हमये ग़ुलामी का रिश्ता सलामत रहेहम ग़ुलामों के दिल की ये आवाज़ हैआप का प्यारा रोज़ा सलामत रहे

सारे मंतर, तिलिस्म-ओ-सहर कट गएजिस को पीते ही सारे मरज़ छट गएहै हमारे लिए तो ये आब-ए-हयातआप का नीर बहता सलामत रहे

आप मख़्दूम हैं और ख़ादिम हैं हमये ग़ुलामी का रिश्ता सलामत रहेहम ग़ुलामों के दिल की ये आवाज़ हैआप का प्यारा रोज़ा सलामत रहे

फ़िक्र ही अब नहीं ग़म मिले या ख़ुशीकैसे गुज़रेगी जामी की ये ज़िंदगीअशरफ़ा तेरे दामन में रहना है बसतेरे दामन का साया सलामत रहे

आप मख़्दूम हैं और ख़ादिम हैं हमये ग़ुलामी का रिश्ता सलामत रहेहम ग़ुलामों के दिल की ये आवाज़ हैआप का प्यारा रोज़ा सलामत रहे

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