नात लिरिक्स

Phir Tawajjoh Badha Mere Murshid Piya

फिर तवज्जोह बढ़ा मेरे मुर्शिद पिया

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

फिर तवज्जोह बढ़ा, मेरे मुर्शिद पिया !नज़रें दिल पे जमा, मेरे मुर्शिद पिया !

इक 'अजब था मज़ा, जब ये मँगता तेरातेरे क़दमों में था, मेरे मुर्शिद पिया !

नफ़्स हावी हुआ, हाल मेरा बुरातुझ से कब है छुपा, मेरे मुर्शिद पिया !

अब ले जल्दी ख़बर, तेरी जानिब नज़रमैं ने ली है लगा, मेरे मुर्शिद पिया !

सख़्त दिल हो चला, अब क्या होगा मेरादे दे दिल को जिला, मेरे मुर्शिद पिया !

तेरी बस इक नज़र दिल पे हो जाए गरपाएगा दिल शिफ़ा, मेरे मुर्शिद पिया !

बस तेरी याद हो, दिल मेरा शाद होमुझ को मय वो पिला, मेरे मुर्शिद पिया !

ऐसा ग़म दे मुझे, होश ही न रहेमस्त अपना बना, मेरे मुर्शिद पिया !

मुझ गुनहगार को, इस रिया-कार कोतू ही मुख़्लिस बना, मेरे मुर्शिद पिया !

मुझ से बदकार से, इस गुनहगार सेरहना राज़ी सदा, मेरे मुर्शिद पिया !

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