नात लिरिक्स

Phir Madine Ka Mujh Ko Bulawa Mila | Tum Chalo Na Chalo Main Chala Main Chala

फिर मदीने का मुझ को बुलावा मिला | तुम चलो ना चलो मैं चला मैं चला

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मरहबा ! मुक़द्दर आज फिर मुस्कुराया हैफिर मुझे मदीने में मेरे शाह ने बुलाया है

फिर मदीने का मुझ को बुलावा मिलातुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चलासाया-अफ़्गन हुई रहमत-ए-मुस्तफ़ातुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

फिर मदीने का मुझ को बुलावा मिलातुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

कैफ़ सा छा गया, मैं मदीने चलाझूमता झूमता मैं मदीने चला

तुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

फिर मदीने का मुझ को बुलावा मिलातुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

मेरे आक़ा का दर होगा पेश-ए-नज़रचाहिए और क्या ? मैं मदीने चला

तुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

फिर मदीने का मुझ को बुलावा मिलातुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

गुंबद-ए-सब्ज़ पर जब पड़ेगी नज़रक्या सुरूर आएगा, मैं मदीने चला

तुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

फिर मदीने का मुझ को बुलावा मिलातुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

सब्ज़-गुंबद का नूर ज़ंग कर देगा दूरपाएगा दिल जिला, मैं मदीने चला

तुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

फिर मदीने का मुझ को बुलावा मिलातुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

क्या करेगा इधर, बाँध रख़्त-ए-सफ़रचल, 'उबैद-ए-रज़ा ! मैं मदीने चला

लुत्फ़ तो जब मिले, मुझ से मुर्शिद कहेंचल, 'उबैद-ए-रज़ा ! मैं मदीने चला

तुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

फिर मदीने का मुझ को बुलावा मिलातुम चलो ना चलो, मैं चला मैं चला

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।