नात लिरिक्स

Paanch Naam Lete Hain, Panjtan Hamaare Hain

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैं

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैंउन पे जीते-मरते हैं, पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैंले लिया है चारों को मुस्तफ़ा ने चादर मेंअहल-ए-बैत ऐसे हैं, पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैं

फ़ातिमा, मुहम्मद और शब्बर-ओ-अली, शब्बीरनूर से चमकते हैं, पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैं

था मुबाहिला जिस दम, साथ थे ये पाँचों तनकौन इन के जैसे हैं ! पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैं

जब मरीज़ आता है, मिस्ल-ए-इब्न-ए-हम्बल हमपाँचों नाम लिखते हैं, पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैं

नाम लिखना कश्ती पर, देखना समुंदर भीख़ुद किनारा देते हैं, पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैं

बाइ'स-ए-शफ़ाअ'त हैं, ख़ुल्द की ज़मानत हैंमौला के ये प्यारे हैं, पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैं

बाग़ है मुहम्मद का, बाग़-बाँ अली, ज़हराफूल से नवासे हैं, पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैं

टूटे हैं मुसीबत के कैसे कोह-ए-ग़म इन परसब्र-ओ-हिल्म वाले हैं, पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैं

जो भी उन का नौकर है, हर जगह उजागर हैसारे जग से ऊँचे हैं, पंज-तन हमारे हैं

पाँच नाम लेते हैं, पंज-तन हमारे हैंउन पे जीते-मरते हैं, पंज-तन हमारे हैं

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