नात लिरिक्स

Nibha Lo Tum Nibha Lo Tum Nibha Lo Ya Rasoolallah

निभा लो तुम निभा लो तुम निभा लो या रसूलल्लाह

नात ख़्वान: क़ारी रिज़वान ख़ानशायर: मौलाना मुहम्मद शाकिर नूरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

निभा लो तुम, निभा लो तुम, निभा लो, या रसूलल्लाह !बुला लो अब मदीने में बुला लो, या रसूलल्लाह !

सताते हैं जो दुनिया वाले इस का कुछ नहीं है ग़ममुझे बस अपना कह कर तुम बुला लो, या रसूलल्लाह !

सुनहरी जालियों के सामने पहुँचा हूँ मैं, आक़ा !मुझे अपनी ज़ियारत भी करा दो, या रसूलल्लाह !

मेरी क़िस्मत बुरी हो तो ख़ुदा-रा तुम भली कर दोसँवारो मेरी क़िस्मत को सँवारो, या रसूलल्लाह !

'अता हो 'इल्म की दौलत, 'अता हो दीद की दौलतदम-ए-आख़िर मदीना भी 'अता हो, या रसूलल्लाह !

शफ़ा'अत का सवाली हूँ, सवाली हूँ मैं रहमत काइजाबत से नवाज़ो तुम नवाज़ो, या रसूलल्लाह !

मु'ईन-ए-राह-ए-तयबा हैं मेरे ख़्वाजा मु'ईनुद्दीनमु'ईन-ए-राह-ए-जन्नत भी बना दो, या रसूलल्लाह !

तसद्दुक़ ग़ौस-ए-आ'ज़म का, तवस्सुल आ'ला हज़रत काबक़ी'-ए-पाक के क़ाबिल बना दो, या रसूलल्लाह !

निगाह-ए-मुफ़्ती-ए-आ'ज़म ने ज़िंदा कर दिया दिल कोउन्हीं का साथ महशर में 'अता हो, या रसूलल्लाह !

तमन्ना ये लिए जाता है, आक़ा ! शाकिर-ए-रज़वीइसे इज़्न-ए-मदीना फिर 'अता हो, या रसूलल्लाह !

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