नात लिरिक्स

Nahin Hai Koi Duniya Mein Hamara Ya Rasoolallah

नहीं है कोई दुनिया में हमारा या रसूलल्लाह

नात ख़्वान: ख़ालिद हसनैन ख़ालिदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नहीं है कोई दुनिया में हमारा, या रसूलल्लाह !हमें तो आप ही का है सहारा, या रसूलल्लाह !

सरापा मा'सियत हूँ, बार है बेहद गुनाहों काबचाना नार-ए-दोज़ख़ से ख़ुदा-रा, या रसूलल्लाह !

हूँ सर से पाँव तक डूबा हुवा ग़म के समुंदर मेंनहीं आता नज़र कोई किनारा, या रसूलल्लाह !

तलातुम-ख़ेज़ है दरिया, भँवर में है मेरी कश्तीनज़र आता नहीं कोई किनारा, या रसूलल्लाह !

तड़पता है मेरा दिल और तरसती हैं बहुत आँखेंबुला लो अब मदीने में दोबारा, या रसूलल्लाह !

तड़पता है ये दिल मेरा, तरसती हैं मेरी आँखेंबुला लो अब मदीने में दोबारा, या रसूलल्लाह !

ख़ुदा जब आप से फ़रमाए, लाओ अपनी उम्मत कोहमारी सिम्त भी करना इशारा, या रसूलल्लाह !

फ़क़त आ'माल के बदले न पाएगा कोई जन्नतन होगा आप का जब तक इशारा, या रसूलल्लाह !

ब-रोज़-ए-हश्र मेरे इस यक़ीं की लाज रख लेनातुम्हारा हूँ, तुम्हारा हूँ, तुम्हारा, या रसूलल्लाह !

हक़ीक़त में बहुत बढ़ कर के है 'अर्श-ए-मु'अल्ला सेज़मीं जिस पर हो नक़्श-ए-पा तुम्हारा, या रसूलल्लाह !

दम-ए-आख़िर ज़रा मुश्ताक़ पर इतना करम करनाकि इस के लब पे हो कलमा तुम्हारा, या रसूलल्लाह !

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