नात लिरिक्स

Nahin Hai Daa'wa Mujhe Koi Paarsaai Ka, Sahaara Bas Hai Tere Dar Se Aashnaai Ka

नहीं है दा'वा मुझे कोई पारसाई का, सहारा बस है तेरे दर से आशनाई का

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: मुहम्मद अली ज़हूरी क़सूरीउपलब्ध: हिंदी

नहीं है दा'वा मुझे कोई पारसाई कासहारा बस है तेरे दर से आशनाई का

नहीं है दा'वा मुझे कोई पारसाई कातुम्हारे चाहने वालों में कमतरीं हूँ मगरमेरी जबीं पे नहीं दाग़ बे-वफ़ाई का

सहारा बस है तेरे दर से आशनाई का

नहीं है दा'वा मुझे कोई पारसाई का

तेरे करम ने किया सब से बे-नियाज़ मुझेनहीं है ख़ौफ़ ज़माने की कज-अदाई का

सहारा बस है तेरे दर से आशनाई का

नहीं है दा'वा मुझे कोई पारसाई का

अमीर सारे जहाँ के उसे सलाम करेंहै जिस के हाथ में कासा तेरी गदाई का

सहारा बस है तेरे दर से आशनाई का

नहीं है दा'वा मुझे कोई पारसाई का

जहाँ पे और दवा कोई कार-गर न हुईअसर पड़ा है तेरे नाम की दुहाई का

सहारा बस है तेरे दर से आशनाई का

नहीं है दा'वा मुझे कोई पारसाई का

ज़हूरी ! रोज़ बुला के मुझे वो सुनते हैंसिला मिला है मुझे मेरी ख़ुश-नवाई का

सहारा बस है तेरे दर से आशनाई का

नहीं है दा'वा मुझे कोई पारसाई का

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