नात लिरिक्स

Nabi Ke Ghar Mein Jo Rahmat Hai Sayyida Zahra

नबी के घर में जो रहमत है सय्यिदा ज़हरा

नात ख़्वान: मुहम्मद साजिद क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नबी के घर में जो रहमत है सय्यिदा ज़हराख़ुदा की ख़ास 'इनायत है सय्यिदा ज़हरा

नबी की आल हमारा 'अज़ीम विर्सा हैये ला-ज़वाल विरासत है सय्यिदा ज़हरा

नबी के घर में जो रहमत है सय्यिदा ज़हराख़ुदा की ख़ास 'इनायत है सय्यिदा ज़हरा

नबी के जिस्म का टुकड़ा है ज़ौजा-ए-हैदर'अली के पास अमानत है सय्यिदा ज़हरा

नबी के घर में जो रहमत है सय्यिदा ज़हराख़ुदा की ख़ास 'इनायत है सय्यिदा ज़हरा

रिदा-ए-ज़हरा को देखा न चाँद सूरज नेहया-ओ-शर्म की ज़ीनत है सय्यिदा ज़हरा

नबी के घर में जो रहमत है सय्यिदा ज़हराख़ुदा की ख़ास 'इनायत है सय्यिदा ज़हरा

रज़ा-ओ-सब्र की मलिका, नबी की शहज़ादी'इबादतों की हक़ीक़त है सय्यिदा ज़हरा

नबी के घर में जो रहमत है सय्यिदा ज़हराख़ुदा की ख़ास 'इनायत है सय्यिदा ज़हरा

तुम्हारा दर, ये उजागर कभी न छोड़ेगातुम्हारे दर से ही 'इज़्ज़त है, सय्यिदा ज़हरा !

नबी के घर में जो रहमत है सय्यिदा ज़हराख़ुदा की ख़ास 'इनायत है सय्यिदा ज़हरा

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।