नात लिरिक्स

Naat Kehta Hun Main Naat Padhta Hun Main | Pyare Aaqa Ki Midhat Badi Cheez Hai

नात कहता हूँ मैं नात पढ़ता हूँ मैं | प्यारे आक़ा की मिदहत बड़ी चीज़ है

नात ख़्वान: असद इक़बाल कलकत्तवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ना'त कहता हूँ मैं, ना'त पढ़ता हूँ मैंप्यारे आक़ा की मिदहत बड़ी चीज़ हैये स'आदत भी है, ये 'इबादत भी हैना'त पढ़ने की 'आदत बड़ी चीज़ है

शेर बकरी को ले कर गया शान सेलोग समझे की बकरी गई जान सेमुस्तफ़ा की बदौलत अमाँ मिल गईमुस्तफ़ा की ज़ियारत बड़ी चीज़ है

जाँ की बाज़ी लगा कर भी नाकाम होइक अदा छोड़ कर कैसे बे-दाम होसिर्फ़ मिस्वाक से जंग को जीत लीमेरे आक़ा की सुन्नत बड़ी चीज़ है

डूब कर भी वो फ़ौरन पलट आएगाऔर सहबा में आ कर ये बतलाएगाहुक्म-ए-महबूब-ए-रब मानना है मुझेमुस्तफ़ा की इता'अत बड़ी चीज़ है

चार सौ साल से साँप बेताब थाउस की आँखों में बस एक ही ख़्वाब थाइक नज़र देख लूँ रू-ए-बदरुद्दुजाउस के दिल की ये हसरत बड़ी चीज़ है

जिस को चाहा नबी ने वली कर दियाइक नज़र उठ गई और 'अली कर दियापूछो सिद्दीक़-ओ-फ़ारूक़-ओ-'उस्मान सेमुस्तफ़ा की ख़िलाफ़त बड़ी चीज़ है

माँ के क़दमों को सर पे उठाए चलोउस की ता'ज़ीम दिल में बसाए चलोउस से कतरा के दोज़ख़ में जाओ न तुममाँ के क़दमों की जन्नत बड़ी चीज़ है

मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत का फ़ैज़ान हैअहल-ए-सुन्नत का महफूज़ ईमान हैआ'ला हज़रत का 'आलम में ए'लान हैमुस्तफ़ा की मोहब्बत बड़ी चीज़ है

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