नात लिरिक्स

Mustafa Ka Badan Noor Hai

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुस्तफ़ा का बदन नूर हैहर रविश, हर चलन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

जिस्म-ए-अनवर की क्या बात होआप का पैरहन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

पैदा होते ही सज्दा कियाबचपने की फबन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

आफ़्ताब-ए-रिसालत हैं वोउन की हर हर अदा नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

नूर है बज़्म-ए-यारान-ए-नूरमहफ़िल-ए-पंज-तन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

फूल हसनैन, ज़हरा कलीनूर का ये चमन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

बन गया शहद खारी-कुँआँक्या लु'आब-ए-दहन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

तयबा है 'अर्श से भी फ़ज़ूँशाह-ए-दीं का वतन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

सूर-ए-नूर में है बयाँ'आइशा का चलन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

नूर है मेरा ख़्वाजा पियामेरा ग़ौस-ए-ज़मन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

अपनी पूँजी है 'इश्क़-ए-रसूलहम ग़रीबों का धन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

ना'त, तस्लीम ! पढ़ झूम करना'त-ए-शाह-ए-ज़मन नूर है

मुस्तफ़ा का बदन नूर है

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