नात लिरिक्स

Mujhe Dar Pe Phir Bulana Madani Madine Wale

मुझे दर पे फिर बुलाना मदनी मदीने वाले

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुझे दर पे फिर बुलाना, मदनी मदीने वाले !मय-ए-'इश्क़ भी पिलाना, मदनी मदीने वाले !

मेरी आँख में समाना, मदनी मदीने वाले !बने दिल तेरा ठिकाना, मदनी मदीने वाले !

तेरी जबकि दीद होगी, जभी मेरी 'ईद होगीमेरे ख़्वाब में तुम आना, मदनी मदीने वाले !

मुझे ग़म सता रहे हैं, मेरी जान खा रहे हैंतुम्हीं हौसला बढ़ाना, मदनी मदीने वाले !

मेरे सब 'अज़ीज़ छूटे, मेरे यार भी तो रूठेकहीं तुम न रूठ जाना, मदनी मदीने वाले !

मेरे सब 'अज़ीज़ छूटें, मेरे दोस्त भी गो रूठेंशहा ! तुम न रूठ जाना, मदनी मदीने वाले !

मैं अगरचे हूँ कमीना, तेरा हूँ, शह-ए-मदीना !मुझे क़दमों से लगाना, मदनी मदीने वाले !

तेरे दर से, शाह ! बेहतर, तेरे आस्ताँ से बढ़ करहै भला कोई ठिकाना, मदनी मदीने वाले !

तेरा तुझ से हूँ सुवाली, शहा ! फेरना न ख़ालीमुझे अपना तू बनाना, मदनी मदीने वाले !

ये मरीज़ मर रहा है, तेरे हाथ में शिफ़ा हैऐ तबीब ! जल्द आना, मदनी मदीने वाले !

तू है अंबिया का सरवर, तू ही दो जहाँ का यावरतू ही रहबर-ए-ज़माना, मदनी मदीने वाले !

तू है बेकसों का यावर, ऐ मेरे ग़रीब-परवर !है सख़ी तेरा घराना, मदनी मदीने वाले !

तू ख़ुदा के बा'द बेहतर है सभी से, मेरे सरवर !तेरा हाशिमी घराना, मदनी मदीने वाले !

तेरी फ़र्श पर हुकूमत, तेरी 'अर्श पर हुकूमततू शहंशह-ए-ज़माना, मदनी मदीने वाले !

तेरा ख़ुल्क़ सब से बाला, तेरा हुस्न सब से आ'लाफ़िदा तुझ पे सब ज़माना, मदनी मदीने वाले !

कहूँ किस से, आह ! जा कर, सुने कौन, मेरे सरवर !मेरे दर्द का फ़साना, मदनी मदीने वाले !

ब-'अता-ए-रब्ब-ए-हाकिम, तू है रिज़्क़ का भी क़ासिमहै तेरा सब आब-ओ-दाना, मदनी मदीने वाले !

मैं ग़रीब बे-सहारा, कहाँ और है गुज़ारामुझे आप ही निभाना, मदनी मदीने वाले !

ये करम बड़ा करम है, तेरे हाथ में भरम हैसर-ए-हश्र बख़्शवाना, मदनी मदीने वाले !

कभी जव की मोटी रोटी तो कभी खजूर पानीतेरा ऐसा सादा खाना, मदनी मदीने वाले !

है चटाई का बिछौना, कभी ख़ाक ही पे सोनाकभी हाथ का सिरहाना, मदनी मदीने वाले !

तेरी सादगी पे लाखों, तेरी 'आजिज़ी पे लाखोंहों सलाम 'आजिज़ाना, मदनी मदीने वाले !

मेरे शाह ! वक़्त-ए-रुख़्सत मुझे मीठा मीठा शरबततेरे दीद का पिलाना, मदनी मदीने वाले !

मिले नज़'अ में भी राहत, रहूँ क़ब्र में सलामततू 'अज़ाब से बचाना, मदनी मदीने वाले !

घुप अँधेरी क़ब्र में जब मुझे छोड़ कर चलें सबमेरी क़ब्र जगमगाना, मदनी मदीने वाले !

पस-ए-मर्ग सब्ज़-गुंबद की, हुज़ूर ! ठंडी ठंडीमुझे छाँव में सुलाना, मदनी मदीने वाले !

ऐ शफ़ी'-ए-रोज़-ए-महशर ! है गुनह का बोझ सर परमैं फँसा मुझे बचाना, मदनी मदीने वाले !

मेरे वालिदैन महशर में गो भूल जाएँ, सरवर !मुझे तुम न भूल जाना, मदनी मदीने वाले !

शहा ! तिश्नगी बड़ी है, यहाँ धूप भी कड़ी हैशह-ए-हौज़-ए-कौसर ! आना, मदनी मदीने वाले !

मुझे आफ़तों ने घेरा, है मुसीबतों का डेराया नबी ! मदद को आना, मदनी मदीने वाले !

तेरे दर की हाज़िरी को जो तड़प रहे हैं उन कोशहा ! जल्द तू बुलाना, मदनी मदीने वाले !

कोई इस तरफ़ भी फेरा, हो ग़मों का दूर अँधेराऐ सरापा नूर ! आना, मदनी मदीने वाले !

कोई पाए बख़्त-वर गर, है शरफ़ शही से बढ़ करतेरे ना'ल-ए-पाक उठाना, मदनी मदीने वाले !

मेरा सीना हो मदीना, मेरे दिल का आबगीनाभी मदीना ही बनाना, मदनी मदीने वाले !

ऐ हबीब-ए-रब्ब-ए-बारी ! है गुनह का बोझ भारीतुम्हीं हश्र में छुड़ाना, मदनी मदीने वाले !

मेरी 'आदतें हों बेहतर, बनूँ सुन्नतों का पैकरमुझे मुत्तक़ी बनाना, मदनी मदीने वाले !

शहा ! ऐसा जज़्बा पाऊँ, कि मैं ख़ूब सीख जाऊँतेरी सुन्नतें सिखाना, मदनी मदीने वाले !

तेरे नाम पर हो क़ुर्बां मेरी जान, जान-ए-जानाँ !हो नसीब सर कटाना, मदनी मदीने वाले !

तेरी सुन्नतों पे चल कर, मेरी रूह जब निकल करचले, तू गले लगाना, मदनी मदीने वाले !

हैं मुबल्लिग़, आक़ा ! जितने, करो दूर उन से फ़ितनेबूरी मौत से बचाना, मदनी मदीने वाले !

मेरे ग़ौस का वसीला, रहे शाद सब क़बीलाइन्हें ख़ुल्द में बसाना, मदनी मदीने वाले !

मेरे जिस क़दर हैं अहबाब, उन्हें कर दे शाह बेताबमिले 'इश्क़ का ख़ज़ाना, मदनी मदीने वाले !

मेरी आने वाली नस्लें तेरे 'इश्क़ ही में मचलेंउन्हें नेक तूम बनाना, मदनी मदीने वाले !

मेरी आने वाली नस्लें तेरे 'इश्क़ ही में मचलेंउन्हें नेक तुम बनाना, मदनी मदीने वाले !

मिले सुन्नतों का जज़्बा, मेरे भाई छोड़ें, मौला !सभी दाढ़ियाँ मुंडाना, मदनी मदीने वाले !

मेरी काश ! सारी बहनें, रहें मदनी बुर्क़'ओं मेंहो करम शह-ए-ज़माना, मदनी मदीने वाले !

दो जहान के ख़ज़ाने दिए हाथ में ख़ुदा नेतेरा काम है लुटाना, मदनी मदीने वाले !

तेरा ग़म ही चाहे 'अत्तार, इसी में रहे गिरिफ़्तारग़म-ए-माल से बचाना, मदनी मदीने वाले !

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