नात लिरिक्स

Mujhe Bhi Madine Bula Mere Maula

मुझे भी मदीने बुला मेरे मौला

नात ख़्वान: सय्यिद फ़सीहुद्दीन सोहरवर्दीशायर: पीरज़ादा आबिद अली शाहउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुझे भी मदीने बुला, मेरे मौला !करम की तजल्ली दिखा, मेरे मौला !बहुत बे-क़रारी के 'आलम में हूँ मैंमेरी बे-क़रारी मिटा, मेरे मौला !

यक़ीं है मदीना करम ही करम हैतू रखता जहाँ में सभी का भरम हैतुझे वासिता तेरे प्यारे नबी कामेरी अब तो बिगड़ी बना, मेरे मौला !

ये दोनों जहाँ तेरे ज़ेर-ए-असर हैंजो तुझ को न मानें बड़े बे-ख़बर हैंनहीं जानते जो भी तेरे ग़ज़ब कोउन्हें ग़फ़लतों से जगा, मेरे मौला !

जिसे तू ने चाहा मैं उस पे फ़िदा हूँमैं तेरे मुहम्मद के दर का गदा हूँतुझे वासिता कर्बला की ज़मीं कामुझे हर बला से बचा, मेरे मौला !

शफ़ाअत का वा'दा किया तू ने जिस सेगुनाहगार उम्मीद रखते हैं उस सेसिफ़ारिश करें तुझ से उम्मत की आक़ातू करना सभी का भला, मेरे मौला !

मुहम्मद को तू ने जो क़ुरआँ दिया हैकरोड़ों दिलों में मुकम्मल छुपा हैऐ क़ुरआँ के मालिक ! गुज़ारिश है तुझ सेमेरे दिल में क़ुरआँ बसा, मेरे मौला !

मेरी मुश्किलें गर तेरा इम्तिहाँ हैतो हर ग़म क़सम से ख़ुशी का समाँ हैगुनाहों की मेरे अगर ये सज़ा हैतो फिर मुश्किलों को घटा, मेरे मौला !

यहाँ पल में बदले हुए लोग पाएयहाँ पल में अपने भी देखे पराएतुझे तो हमारे दिलों की ख़बर हैकरें तुझ से किस का गिला, मेरे मौला !

निगाहों से पिन्हाँ क्यूँ मंज़िल मेरी हैक्यूँ मँझधार में नाव मेरी फँसी हैख़ताओं का मारा भी पा लेगा साहिलगर 'आबिद के दिल में समा, मेरे मौला !

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