नात लिरिक्स

Mil Gae Mustafa, Mil Gai Zindagi

मिल गए मुस्तफ़ा, मिल गई ज़िंदगी

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मिल गए मुस्तफ़ा, मिल गई ज़िंदगीजिन के सदक़े हुई ज़िंदगी ज़िंदगी

उन से पहले थी बेचारगी ज़िंदगीअब तो करती है चारागरी ज़िंदगी

मिल गए मुस्तफ़ा, मिल गई ज़िंदगीजिन के सदक़े हुई ज़िंदगी ज़िंदगी

क़ब्ल उन से तो बस मौत थी ज़िंदगीआप आए तो ज़िंदा हुई ज़िंदगी

मिल गए मुस्तफ़ा, मिल गई ज़िंदगीजिन के सदक़े हुई ज़िंदगी ज़िंदगी

ज़िंदगी बस इसी शुक्र में काट दोसाया-ए-मुस्तफ़ा में मिली ज़िंदगी

मिल गए मुस्तफ़ा, मिल गई ज़िंदगीजिन के सदक़े हुई ज़िंदगी ज़िंदगी

आल-ए-अतहर के सदक़े से क्या कुछ मिलाआगही, रौशनी, सरवरी, ज़िंदगी

मिल गए मुस्तफ़ा, मिल गई ज़िंदगीजिन के सदक़े हुई ज़िंदगी ज़िंदगी

दिल अगर ज़ात-ए-अहमद का तालिब नहींक्या मुक़द्दर मिला, क्या कटी ज़िंदगी

मिल गए मुस्तफ़ा, मिल गई ज़िंदगीजिन के सदक़े हुई ज़िंदगी ज़िंदगी

अपनी उम्मत की ख़ातिर वो रोते रहेकौन समझेगा कैसे सजी ज़िंदगी

मिल गए मुस्तफ़ा, मिल गई ज़िंदगीजिन के सदक़े हुई ज़िंदगी ज़िंदगी

इस्म-ए-अहमद की हैं बरकतें इस क़दरनाम-ए-बासित को भी बख़्श दी ज़िंदगी

मिल गए मुस्तफ़ा, मिल गई ज़िंदगीजिन के सदक़े हुई ज़िंदगी ज़िंदगी

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