नात लिरिक्स

Meri Subha Ghaus-e-Azam Meri Shaam Ghaus-e-Azam

मेरी सुब्ह ग़ौस-ए-आज़म मेरी शाम ग़ौस-ए-आज़म

नात ख़्वान: सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरी सुब्ह ग़ौस-ए-आ'ज़म, मेरी शाम ग़ौस-ए-आ'ज़ममेरी जिंदगी का पल पल तेरे नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तेरे नाम से बने हैं बड़े काम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !मेरे कितने काम का है तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तू नबी का लाडला है, तू 'अली का है दुलारातेरी ज़ात पर बुज़ुर्गी है तमाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मुश्किल भरे सफ़र में मैं न था कभी अकेलामेरे साथ चल रहा था तेरा नाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तेरी ज़ात से है जिस को दिल-ओ-जान से 'अक़ीदतन बिगड़ सकेगा उस का कोई काम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

हम सब पे डाल दो अब नज़र-ए-करम ख़ुदा-रामहफ़िल में कह रहे हैं ये ग़ुलाम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

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