नात लिरिक्स

Baghdad Mein Har Samt Hai Taiba Ka Nazara | Baghdad Hai Pyara

बग़दाद में हर सम्त है तयबा का नज़ारा | बग़दाद है प्यारा

नात ख़्वान: सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरीशायर: सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बग़दाद में हर सम्त है तयबा का नज़ारा

बग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्याराबग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्यारा

कहते हैं जिसे सब है बहुत ख़ूब वही हैहर 'आशिक़-ए-सरकार का मतलूब वही हैअल्लाह के महबूब का महबूब वही हैइक बार जो देख आए, वो जाता है दोबारा

बग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्याराबग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्यारा

रहमत का ख़ज़ीना है वो बग़दाद की गलियाँतस्वीर-ए-मदीना है वो बग़दाद की गलियाँजन्नत का नगीना है वो बग़दाद की गलियाँबहता है सदा रहमत-ओ-अनवार का धारा

बग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्याराबग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्यारा

चादर वहाँ रहती है तनी हसनी-हुसैनीहर सम्त वहाँ छाओं मिली हसनी-हुसैनीख़ुश्बू है फ़ज़ाओं में बसी हसनी-हुसैनीबग़दाद का दूल्हा है 'अली का भी दुलारा

बग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्याराबग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्यारा

उस दर की मोहब्बत है मदीने की मोहब्बतउस दर की 'इनायत है मदीने की 'इनायतउस दर की ज़ियारत है मदीने की ज़ियारतजो देख ले बग़दाद, लगाता है ये ना'रा

बग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्याराबग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्यारा

उस शहर-ए-मुक़द्दस से हसीं कोई नहीं हैमेरे लिए हर ज़र्रा वहाँ माह-जबीं हैरौज़ा है बड़े पीर का या नूर-ए-मुबीं हैमिल जाए वसी को उसी चौखट का उतारा

बग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्याराबग़दाद है प्यारा, बग़दाद है प्यारा

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