नात लिरिक्स

Meri Naslon Ka Naara Hai, Main Ghaus-e-Paak Ke Sadqe

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

शायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी

जीलानी जीलानी जीलानी, जीलानी जीलानी जीलानीजीलानी जीलानी जीलानी, जीलानी जीलानी जीलानी

शाहबाज़-ए-ला-मकानी, किंदील-ए-नूरानीशाहबाज़-ए-ला-मकानी, किंदील-ए-नूरानी

मैं ग़ौस का दीवाना हूँ, मैं ग़ौस का मस्ताना हूँ

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़ेयहीं मेरा अक़ीदा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

फ़ज़ाएँ भी महकती हैं जो चूमें ग़ौस का रोज़ावो गुम्बद क्या महकता है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मैं ग़ौस का दीवाना हूँ, मैं ग़ौस का मस्ताना हूँ

यहाँ भी ग़ौस-ए-आज़म का, वहां भी ग़ौस-ए-आज़म काफ़क़त उन से ही रिस्ता है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

जो सदमा ग़म का लगता है 'करम या ग़ौस' कहता हूँमेरी माँ ने सिखाया है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मैं ग़ौस का दीवाना हूँ, मैं ग़ौस का मस्ताना हूँ

मेरी है दोस्ती उन से जो आशिक़ ग़ौस-ए-आज़म केज़बां पे उन के रहता है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

वसीला ग़ौस का माँगो दुआएं रद नहीं होतीख़ुदा को ग़ौस प्यारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मैं ग़ौस का दीवाना हूँ, मैं ग़ौस का मस्ताना हूँ

मुझे दरबारे ग़ौस-ए-पाक ने सिखलाए हैं आदाबक़दम रुक रुक के उठता है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

उजागर हो गया क़ुर्बान ईद-ए-ग़ौसिया आईदरे अक़दस पे पहुंचा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मेरी नस्लों का नारा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े

मैं ग़ौस का दीवाना हूँ, मैं ग़ौस का मस्ताना हूँ

शाहबाज़-ए-ला-मकानी, किंदील-ए-नूरानीशाहबाज़-ए-ला-मकानी, किंदील-ए-नूरानी

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