मेरे मौला ! मेरी साँसों को तयबा की हवा दे देमदीने का भिकारी हूँ, मदीने की ग़िज़ा दे दे
हमारे घर भी पैदा हो सलाहुद्दीन अय्यूबीख़ुदा ! बेटी की सूरत में कनीज़-ए-फ़ातिमा दे दे
नबी के चाहने वालों को क्या समझा है दुनिया नेइशारा गर ये फ़रमा दें तो दरिया रास्ता दे दे
नज़र आ जाए मुझ को भी शह-ए-बग़दाद का जल्वामेरे मौला मुझे मुर्शिद पिया का आइना दे दे
बना कर डाल दे मुझ को कबूतर उन की गलियों कामुझे उड़ने की ख़ातिर फिर मदीने की फ़ज़ा दे दे
नबी के चाहने वालों पे हर दिन ज़ुल्म बढ़ता हैबिलाली सब्र दे दे या हुसैनी हौसला दे दे
ज़रुरत है नबी के इश्क़ की फिर से ज़माने कोज़माने के लिए फिर से कोई अहमद रज़ा दे दे
ज़रुरत है रज़ा के इल्म की फिर से ज़माने कोज़माने के लिए फिर से कोई अख़्तर रज़ा दे दे
सवा नेज़े पे सूरज जब अँधेरा करने आएगामुझे तस्कीन की ख़ातिर नबी का सामना दे दे
नबी के चाहने वालों में मेरा घर भी शामिल होक़यामत तक मेरी नस्लों को इश्क़-ए-मुर्तज़ा दे दे
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