नात लिरिक्स

Mere Ghous Piya Jilani Hain Mehboob-e-Subhani

मेरे ग़ौस पिया जीलानी हैं महबूब-ए-सुब्हानी

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानीमेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानी

छूटती है तो छूटे दुनियाग़ौस का दामन न छोड़ेंगेअपने गले में ग़ौस का पट्टाग़ौस का दामन न छोड़ेंगे

जीलानी

मेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानीमेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानी

ग़ौस के दर पर उम्र गुज़ारीग़ौस के दर के हम हैं भिकारीइस खूँटे से ख़ुद को बाँधाग़ौस का दामन न छोड़ेंगे

जीलानी

मेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानीमेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानी

वलियों ने दी उन को सलामीअब्दालों ने की है ग़ुलामीऊँचा रहेगा उन का झंडाग़ौस का दामन न छोड़ेंगे

जीलानी

मेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानीमेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानी

ग़ौस का दामन कैसे छोड़ें ?जिस्म-ओ-रूह का नाता उन सेउन से ठहरा दीन का रिश्ताग़ौस का दामन न छोड़ेंगे

जीलानी

मेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानीमेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानी

उन के हाथ में हाथ दिया हैख़ुद को, उजागर ! बेच दिया हैअब न कभी छोड़ेंगे, वल्लाह !ग़ौस का दामन न छोड़ेंगे

जीलानी

मेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानीमेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानी

ग़ौस-ए-पाक के चाहने वालो !साथ 'उबैद के मिल के कह दोमरते दम तक इंशाअल्लाहग़ौस का दामन न छोड़ेंगे

जीलानी

मेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानीमेरे ग़ौस पिया जीलानी, हैं महबूब-ए-सुब्हानी

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