नात लिरिक्स

Maula Tu De Saadat Hajj Par Bula Le Maula

मौला तू दे सआदत हज पर बुला ले मौला

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मौला ! तू दे स'आदत, हज पर बुला ले, मौला !का'बे की हो ज़ियारत, हज पर बुला ले, मौला !

मौला ! तू दे स'आदत, हज पर बुला ले, मौला !

लाखों हैं जाने वाले, लाखों ही रह गए हैंहै सब दिलों की हसरत, हज पर बुला ले, मौला !

मौला ! तू दे स'आदत, हज पर बुला ले, मौला !

कहने को दूर हैं हम, दिल है मगर वहाँ परये ख़्वाब हो हक़ीक़त, हज पर बुला ले, मौला !

मौला ! तू दे स'आदत, हज पर बुला ले, मौला !

हज की लगन हो दिल में, एहराम हो बदन परलब पर हो तेरी मिदहत, हज पर बुला ले, मौला !

मौला ! तू दे स'आदत, हज पर बुला ले, मौला !

'अर्फ़ात का हो मंज़र, माँगूँ दु'आएँ रो करबख़्शिश की दे ज़मानत, हज पर बुला ले, मौला !

मौला ! तू दे स'आदत, हज पर बुला ले, मौला !

मुज़्दल्फ़ा का हो डेरा, हो हाजियों का फेरामुझ पर भी कर दे रहमत, हज पर बुला ले, मौला !

मौला ! तू दे स'आदत, हज पर बुला ले, मौला !

रहमत के इस जबल पर हाज़िर हो ये उजागरऐसी मिले इजाज़त, हज पर बुला ले, मौला !

मौला ! तू दे स'आदत, हज पर बुला ले, मौला !

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