नात लिरिक्स

Mere Lafzon Mein Shamsudduha Hai, Mere Lahje Mein Badrudduja

मेरे लफ़्ज़ों में शम्सुद्दुहा है, मेरे लहजे में बदरुद्दुजा

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: अदीब रायपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे लफ़्ज़ों में शम्सुद्दुहा है, मेरे लहजे में बदरुद्दुजामश'अल-ए-मिदहत-ए-मुस्तफ़ा हूँ, हर अँधेरे को मैं जगमगा दूँ

ऐसी इक ना'त लिखने की, या रब ! मुझ को तौफ़ीक़ दे ज़िंदगी मेंउन की ज़ुल्फ़ों की ख़ुशबू सुँघाऊँ, उन के क़दमों की आहट सुना दूँ

इक यही आरज़ू रह गई है, उन के दरबार तक हो रसाईअपनी पेशानी उस दर पे रख दूँ, सारी दुनिया को फिर मैं भुला दूँ

वो मेरी शा'इरी, मेरा फ़न हैं, मैं सुख़न हूँ, वो जान-ए-सुख़न हैंअपना सब कुछ उन्हीं का दिया है, अपना सब कुछ उन्हीं पर लुटा दूँ

मेरी बख़्शिश का सामाँ यही है, मेरे दिल का भी अरमाँ यही हैएक दिन उन के रोज़े पे जा कर, उन की ना'तें उन्हीं को सुना दूँ

है तमन्ना कि ढल जाऊँ, या रब ! पैकर-ए-उस्वा-ए-मुस्तफ़ा मेंमुस्कुराऊँ अगर संग बरसें, हर बुरे को भली सी दु'आ दूँ

'इश्क़ है आग, आँसू है पानी, दोनों यकजा हैं 'इश्क़-ए-नबी मेंये करिश्मा है ना'त-ए-नबी का, जब कहो ये करिश्मा दिखा दूँ

काश ! आए जब उन की सवारी, ए अदीब ! उन के क़दमों के नीचेखींच कर रूह को तन से बाहर, उस की चादर बना कर बिछा दूँ

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